Editorial

इस राज्य में झींगा पालन के लिए सरकार देती है 50% सब्सिडी, कमाई भी लाखों मे है

एक हेक्टेयर में प्रशांत सफ़ेद झींगा पालन (Litopenaeus vannamei) का वित्तीय विश्लेषण।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना स्कीम के तहत हरियाणा राज्य में हर वर्ष लवणीय भूमि में झींगा पालन का प्रोजेक्ट क्रियान्वित किया जाता है l यह परियोजना मुख्यतः जिला रोहतक, हिसार, गुडगाँव, भिवानी सोनेपत, फतेहाबाद, मेवात, जींद, करनाल, सिरसा, रेवाड़ी, पानीपत, पलवल, नारनौल, कैथल तथा फरीदाबाद के लिए है l इस परियोजना का लाभ लेने के लिए किसान की आयु 21 से 60 वर्ष की होनी चाहिए l भूमि जिस पर तालाब का निर्माण करना है वह स्वयं या कम से कम 3 साल की रजिस्टर्ड लीज पर ली हुई होनी चाहिए l प्रति लाभार्थी 1 हेक्टेयर सम्भंदी सब्सिडी ही मिल सकती है l तालाब निर्माण की साईट की उपयुक्तता का प्रमाण पत्र सी.आई.एफ.., लहली, रोहतक से प्राप्त करना होता है l इस प्रकार आवेदन पत्र पूरा कर सभी जरुरी कागजात के साथ जिला मत्स्य अधिकाई को जमा करवाना होता है l

सब्सिडी की मात्रा:

इस परियोजना में कुल लागत की 50 % राशि सब्सिडी के रूप में दी जाती है l बाकी का 50 % किसान को खुद या फिर बैंक लोन द्वारा वहन करना होता है l 1 हेक्टेयर में खेती की कुल लागत 24 लाख 95 हज़ार है जिसमें 14 लाख 5 हज़ार स्थायी पूँजी तथा 10 लाख 90 हज़ार आवर्ती खर्चे हैं l इस प्रकार किसान 12 लाख 42 हज़ार सब्सिडी का हकदार होता है l

कहाँ से लें जानकारी/ट्रेनिंग:

इस स्कीम की विस्तृत जानकारी लेने हेतु किसान जिला मत्स्य अधिकारी एवं मुख्या कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य किसान विकास एजेंसी/ जिला मत्स्य अधिकारी के कार्यालय से ले सकता है l अन्यथा जो किसान इन्टरनेट का इस्तेमाल करते है वह मत्स्य विभाग हरयाणा की वेबसाइट (http://harfish.gov.in/) से भीस्कीम सम्भंदी पूरी जानकारी ले सकते हैं l झींगा पालन हेतु तकनीकी जानकारी तथा ट्रेनिंग केंद्रीय मछली शिक्षा संसथान, लाहली, रोहतक से ली जा सकती है l `        

वित्तीय विश्लेषण :

किसान हर तिमाही में औसतन 10,000 कि.ग्रा. तक झींगा मछलीका उत्पादन ले सकता है l औसत बाज़ार भाव (रु. 350 प्रति कि.ग्रा.)पर बेचने से उसे हर तिमाही में कुल 35 लाखकी आमदमी हो सकती है l इस परियोजना के 1 हेक्टेयर के फार्म का वित्तीय विशेल्शन (बिना सब्सिडी जोड़े ) करने से पता चलता है की किसान पहली तिमाही में 8 लाख 24 हज़ार का शुद्ध मुनाफा कमा सकता है l आने वाली  हर तिमाही में यह शुद्ध मुनाफा 22 लाख 29 हज़ार हो जाता है l अगर इस मुनाफे में सब्सिडी की राशी को मिला दिया जाए तो यह शुद्ध मुनाफा पहली तिमाही में 20 लाख 66 हज़ार हो जाता है l साल में झींगा मछली की 3 फसलें ही ली जा सकती हैं और एक फसल लेने में 3 महीने का समय लगता है l सर्दियों के महीनो में झींगे की बढ़वार नहीं होती है तो इसकी जगह हम उन 3 महीनों में मछली की एक फसल भी ले सकते हैं जिससे हमारा मुनाफा और भी बढ़ जाता है l इस प्रकार देखा जाए तो झींगा पालन का यह व्यवसाय बिना सरकारी मदद के भी अत्यंत लाभकारी है लेकिन आज का किसान मुख्यतः छोटा या मंझोला है इसलिए यह सब्सिडी स्कीम बहुत ही आवश्यक है l

1 हेक्टेयर झींघा मछली पालन से जुड़े खर्चे

स्थायी खर्चे

क्र.सं.

विवरण

मात्रा

इकाई लागत

(रु.)

 

रकम

(रु.)

मूल्यह्रास

(%)

मूल्यह्रास रकम

(रु.)

1

तालाब निर्माण

1 हेक्ट

500000

 

500000

5

25000

2

ट्यूबवेल  (7.5 H.P.इंजन)

2

 

100000

 

100000

10

10000

3

पानी में हवा मिलाने की मशीन(2 H.P.)

10

40000

 

400000

20

80000

4

जनरेटर (35 KV)

1

 

250000

 

250000

10

25000

5

पक्षी जाल

 

 

 

15000

50

7500

6

झींगा पकड़ने का जाल

 

 

 

30000

25

7500

7

प्लास्टिक का सामान

 

 

 

10000

50

5000

8

विद्युत् आइटम

 

 

 

25000

25

6250

9

PVC पाइप लाइन

 

 

 

15000

25

3750

10

डीजल इंजन (5 H.P.)

2

 

25000

 

50000

20

10000

11

चौकीदार शेड

1

 

10000

 

10000

10

1000

 

 

 

 

कुल

 

14,05,000

 

1,81,000

मूल्यह्रास: हर साल मशीनरी के इस्तेमाल के कारण उसके मूल्य में आने वाला घटाव l

 

आवर्ती खर्चे

क्र.सं.

विवरण

 

मात्रा

 

इकाई लागत  (रु.)

रकम (रु.)

1

तालाब तैयार करना

 

 

 

 

 

10000

2

खाद

 

 

 

 

 

5000

3

पोटाश

 

 

 

 

 

20000

4

बीज (मालभाड़े युक्त )

 

300000

 

रु. 1 प्रति बीज

300000

5

चारा  (मालभाड़े युक्त )

 

6.7 टन

 

53600

 

536000

6

बिजली एवम् तेल

 

 

 

134000

 

134000

7

दवाइयां

 

 

 

--

 

25000

8

मजदूर

 

2

 

5000/महिना/व्यक्ति(5 महीने के लिए)

 

50000

9

अन्य

 

 

 

10000

 

10000

 

 

 

 

 

कुल

 

10,90,000

 

कुल आवर्ती खर्चे

क्र.सं.

विवरण

 

रकम (रु.)

1

मूल्यह्रास

 

1,81,000

2

आवर्ती खर्चे

 

10,90,000

 

कुल

 

12,71,000

वित्तीय विश्लेषण (बिना सब्सिडी)

प्रति तिमाही औसत उत्पादन                                           =10,000 कि.ग्रा. सफ़ेद झींगा

औसत रेट                                                                      = रु. 350 प्रति कि.ग्रा.

पहली तिमाही:

कुल आय                                                                       = 10,000 x 350 = रु. 35, 00,000

शुद्ध आय           = रु.35 लाख (12, 71,000 + 14, 05,000)

= रु. 8, 24,000

शुद्ध लाभ अनुपात =(शुद्ध आय / कुल आय) X 100 = 23.5% (शुद्ध मुनाफा %)

आने वाली तिमाही:

कुल आय                                                                       = 10000 x 350= रु. 35, 00,000

शुद्ध आय           = रु. 35, 00,000   रु. 12, 71,000

= रु. 22,29,000

शुद्ध लाभ अनुपात =(शुद्ध आय / कुल आय) X 100   = 63.68 % (शुद्ध मुनाफा %)

 

संजय, स्नातकोत्तर, कृषि अर्थशास्त्र विभाग, कृषि कॉलेज , संजय कुमार , जिला विस्तार विशेषज्ञ, करनाल, चौधरी चरण सिंह हरयाणा कृषि विश्वविध्याल


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