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भारत में छोटे खेतीहर किसानों के जीवन में बदलाव लाया - 'बायर ग्रुप'

विकासशील अर्थव्यवस्था में खेतिहर किसानों के लिए खेती से संबंधित नवीन और सम्पूर्ण समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से बायर, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC, विश्व बैंक समूह के एक सदस्य), नेटाफ़िम (Netafim) और स्विस रे कॉर्पोरेट सॉल्यूशंस ने “बैटर लाइफ फ़ार्मिंग” वैश्विक गठबंधन 20 अप्रैल, 2018 को लॉन्च किया. भारत में तीन और सहयोगी यारा फ़र्टिलाइज़र, दीहाट और बिग बास्केट के साथ, 23 जुलाई, 2018 को यह गठबंधन शुरू किया गया.

भारत में  जहां 80% खेतिहर किसान  दो हेक्टेयर से भी कम भूमि पर खेती करते हैं वहीं  बैटर लाइफ़ फ़ार्मिंग ने उत्तर प्रदेश में 2625 एकड़ में हरी मिर्च के 1600 किसानों और झारखंड में टमाटर के 500 किसानों को सुरक्षा देने के लिए दो सफल प्रोजेक्ट्स चलाये. पहला प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के 20 गांवों में 20 किसानों के साथ दिसंबर 2016 में प्रारंभ किया गया जबकि दूसरा प्रोजेक्ट जून 2017 में टमाटर के 37 किसानों के साथ शुरू किया गया. हरी मिर्च और टमाटर के किसानों का चयन कुछ बुनियादी अध्ययन के बाद किया गया, जिसमें उन क्षेत्रों की पहचान की गयी जहां भारत की औसत राष्ट्रीय उपज की तुलना में पैदावार काफी कम थी. हिस्सा लेने वाले सभी किसानों को अच्छी कृषि पद्धति के बारे में सलाह दी गयी. जिसके उपरांत, किसान अपनी उपज को दोगना और फार्म की आय को तिगुना करने में सक्षम हुए.

छोटे किसानों के  विषय पर बोलते हुए  बायर क्रॉप साइंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डी. नारायण ने कहा, “छोटे खेतिहर किसान हमारे देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. भारतीय कृषि में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में, हम खेतिहर किसानों और उनके खेतों को न केवल जीविका का साधन बल्कि उससे आय अर्जित करने में सहायता करना चाहते है. जब छोटे किसान अधिक आय प्राप्त करने में सफल होंगे, तो वे रोजगार निर्माण और देश के आर्थिक विकास में कृषि के योगदान को बढ़ाएगें. इस तरह वे भावी पीढ़ी को कृषि व्यवसाय को आकर्षक और इसमें अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगें”.

2019 में, बैटर लाइफ फ़ार्मिंग गठबंधन ने खेतिहर किसानों के लिए कृषि-उद्यमिता मॉडल पेश किया है. यह ग्रामीण युवाओं को कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़ने और स्थानीय रोजगार के अवसर प्रदान करेगा. मॉडल को "बैटर लाइफ फ़ार्मिंग केंद्रों" के माध्यम से चलाया जाएगा, जहां कृषि-उद्यमी बीज, फसल सुरक्षा, फसल पोषण, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग आदि जैसे विषयों पर टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर संभव कर पाएंगे. वे बाजार से जुड़ाव, कृषि उपयोगी सामाग्री की उपलब्धता और फसल सलाहकार जैसी सेवाएं भी प्रदान करेंगे. प्रत्येक केंद्र आस-पास के पांच से छह गांवों के 500 किसानों के समूह के साथ काम करेगा.

वर्तमान में, वाराणसी में चार बैटर लाइफ फ़ार्मिंग केंद्र स्थापित किए गए है. 2019 के अंत तक, 100 से अधिक केंद्र उत्तर प्रदेश और झारखंड में स्थापित करने का लक्ष्य है. 2025 के अंत तक, यह गठबंधन पूरे भारत में 25 लाख किसानों को सुविधाएं उपलब्ध करने का लक्ष्य रखा है. झारखंड में, बैटर लाइफ फ़ार्मिंग गठबंधन महिला लघु उद्यमियों और महिला लघु कृषि-उद्यमियों की सहायता करेंगें.

कृषि-उद्यमिता मॉडल का मूल तत्व इसकी दीर्घकालिक आर्थिक व्यवहार्यता होगी. यही कारण है कि 'बायर' ने कृषि-उद्यमी बनने के इच्छुक छोटे किसानों की वित्तीय साक्षरता सुधारने के लिए IFC की सहायता ली. “छोटे खेतिहर किसानों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए संसाधन-कुशल कृषि पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ साथ, बैटर लाइफ फ़ार्मिंग गठबंधन में छोटे किसानों को बदलने की भी क्षमता है. हर्ष विवेक, लीड एग्रीबिजनेस एडवाइजरी, IFC, दक्षिण एशिया के अनुसार, “उपज और आय में वृद्धि के लिए छोटे किसानों की क्षमताओं को बढ़ाने में IFC में एक वैश्विक भागीदार बनकर अत्यधिक प्रसन्न है”.

वाराणसी में हरी मिर्च के किसान उमाकांत सिंह कहते हैं, "मेरे मिर्च के पौधे बीमारियों से ग्रसित रहते थे, और बहुत कम या नगण्य पैदावार देते थे. बैटर लाइफ फ़ार्मिंग गठबंधन के हस्तक्षेप से, मैं अपनी हरी मिर्च की पैदावार को दोगुना करने और पिछले वर्षों की तुलना में अपनी आय को तिगुना करने में सक्षम हो पाया हूँ. इस सफलता ने मुझे बड़े सपने देखने लायक बनाया. आज मै गठबंधन के साथ एक कृषि उद्यमी के रूप में कार्य कर रहा हूँ. मेरा लक्ष्य मेरे साथी किसानों को नवीनतम कृषि-ज्ञान प्रदान कर मेरे गाँव में समुदाय के लोगो के लिए रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाना है”.

बैटर लाइफ फ़ार्मिंग केंद्र डिजिटल रूप से सक्षम केंद्रों के माध्यम से छोटे किसानों तक पहुंचेंगे, जहां टेक्नालजी के माध्यम से कृषि-उद्यमी, सूचना का प्रसार और आसपास के गांवों के किसानों को अच्छी कृषि प्रथाओं के बारे में प्रशिक्षित करेंगे. यह केंद्र मिनी संग्रह केंद्रों के रूप में भी काम करेंगे, जहाँ से खरीदार उपज एकत्र कर सकते हैं.

इस स्तर पर, बैटर लाइफ फ़ार्मिंग गठबंधन के तहत साझेदार संगठन छोटे किसानों को आवश्यक बीज, कीटनाशक और उर्वरक लाइसेंस, जीएसटी (GST) पंजीकरण प्राप्त करने और अपने कृषि-उद्यमिता व्यवसाय को स्थापित करने के लिए डिजिटल विशेषज्ञता हासिल करने में मदद कर रहे हैं.

बैटर लाइफ फ़ार्मिंग गठबंधन के तहत, नेटाफिम भारतीय लघु किसानों के साथ मिलकर उत्तम सिंचाई और अन्य उन्नत खेती के तरीकों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए काम कर रहा है, जो मौसमी बदलाव से हुए नुकसान को कम करता है. यारा फर्टिलाइजर्स किसानों को संतुलित फसल पोषण और मिट्टी की तंदुरुस्ती को बनाए रखने के बारे में शिक्षित कर रहे हैं. दीहाट और बिग बास्केट ऑफ-टेकर्स के रूप में कार्यरत हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छोटे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य और बाजार तक पहुंच प्राप्त हो.

बैटर लाइफ फ़ार्मिंग गठबंधन के सभी मुख्य पहलुओं में से एक है, इसका तात्पर्य है कि इसमें शामिल सभी हितधारकों को फायदा पहुँचाना. बायर क्रॉपसाइंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डी. नारायण के अनुसार, हम, अपने द्वारा उठाए गए कदमों की सफलता को छोटे किसानों और उनके स्थानीय समुदायों के लिए बनाए गए आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों के माध्यम से मापेंगे.”

बैटर लाइफ फ़ार्मिंग गठबंधन के बारे में-

बैटर लाइफ फ़ार्मिंग गठबंधन का मुख्य उद्देश्य विश्व जनसंख्या के लिए अधिक सुरक्षित, पौष्टिक और सस्ता भोजन सुनिश्चित करना, संयुक्त राष्ट्र के सतत प्रयासों को आगे बढ़ाना 'भूख खत्म करना, खाद्य सुरक्षा प्राप्त करना और बेहतर पोषण प्राप्त करना, और sustainable  खेती को बढ़ावा देना है. यह उपलब्ध संसाधनों, जैसे पानी, उर्वरक, और ऊर्जा का कुशल उपयोग, उत्पादकों को उच्च गुणवत्ता वाली फसलें बढ़ाने, ज्यादा आय करने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए खेती को आकर्षक बनाने के लिए कार्य करेगी, ताकि गाँवों को समृद्ध किया जा सकें. छोटे किसान www.betterlifefarming.com में इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है.

बायर के बारे में-

बायर, जीव विज्ञान के पोषण और स्वास्थ्य संबन्धित क्षेत्रों में दक्ष एक वैश्विक उपक्रम है. इनके उत्पाद और सेवाएँ बढ़ती हुई आयु वाली वैश्विक आबादी की समस्याओं को दूर कर आम जनता को फायदा पहुँचाना है. इसके साथ ही ग्रुप का उद्देश्य नई तकनीक और विकास के द्वारा अपनी आय को अधिक करने की क्षमता को बढ़ाना है. वित्त वर्ष 2018 में, ग्रुप ने लगभग 117,000 लोगों को रोजगार दिया और 39.6 बिलियन यूरो की बिक्री की. अधिक जानकारी के लिए, www.bayer.com पर जाएं.



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