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बाजरे के दाम टूट की कगार पर, दालें हुयी सस्ती और मक्के के दामों में तेज़ी के आसार

मौजूदा सप्ताह में उत्तर भारत के कई इलाकों में रिमझिम बरसात होने के कारण वहां तैयार मक्की की आवक घट गयी जिसकी वजह से पुरानी मक्की 40/50 रुपए तक बढ़ गयी. इसके साथ ही बाजरे में स्टॉकिस्टों की बिकवाली से 40/50 रुपए मंदा आ गया. दलहनों में रुपए की तंगी होने एवं पक्के मालों में चालानी मांग पूरी तरह ठंडी पड़ जाने से 50/100 रुपए निकल गये. मौजूदा सप्ताह यूपी, बिहार, एवं एमपी में लगातार रुक रुक बारिश होने से तैयार मक्की की आवक उत्पाद मंडियों में घटकर आधी रह गयी. जिससे बढ़िया मक्की 50 रुपए बढ़कर राजपुरा पहुंच में 1450 रुपए बिक गयी.

इसके अलावा हरियाणा की अगर बात करें तो सोनीपत, पानीपत, सफीदों लाइन के लिए पोल्ट्री फार्मों में 1425/1450 रुपए दो प्रतिशत सीडी में व्यापार सुना गया, जो पिछले सप्ताह 1400/ 1410 रुपए तक व्यापार हुआ था. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के इलाकों गुलावठी, कासगंज, छर्रा, कन्नौज व फरूखाबाद लाइन में नई मक्की तैयार हो गयी है, लेकिन बरसाती मौसम होने से भुट्टे से दाने की निकासी घट गयी है. उधर बिहार में भी ट्रक लोड में 35/40 रुपए बढ़ाकर भाव बोलने लगे हैं. जिसके कारण उम्मीद की जा रही है की आने वाले माल अभी और 20/30 रुपए बढ़ सकते हैं.

कृषि जागरण डेस्क



English Summary: The price of bajra, on the verge of breaking down, is cheaper and maize prices

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