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मंडियों में पसरा सन्नाटा, आम आदमी की थाली से गायब हुई हरी सब्जियां

सिप्पू कुमार
सिप्पू कुमार
vegetables and price hike market

दिवाली के ठीक पहले सब्जियों के दामों में उछाल होने से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. हरी सब्जियों के दाम आम आदमी के बजट से बाहर निकल गए हैं जिस कारण त्यौहारी मौसम में भी मंडियों में खास रौनक नज़र नहीं आ रही.गत दिनों आई बारिश ने भी सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके बाद से महंगाई बढ़ गई है. इस समय आलू 20 रुपये किलो के भाव मिल रहे हैं, जबकि कुछ सब्जियों के दाम तो 40 रुपये किलो से भी अधिक हो गए हैं. वहीं खुदरा बाजार में प्याज 35 से 40 रूपये किलो, फूलगोभी 40 रुपये और भिंडी 35 रुपये तक मिल रहे हैं.

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इन सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर

राज्य में परवल, बैंगन के साथ झिंगी के दाम 40 रुपये किलो हो गई है. वहीं, करैला 80 रुपये किलो में मिल रहा है. बींस 45 रुपये किलो और शिमला मिर्च 75 रूपये किलो तक पहुंच गया है. हरी सब्जियों में साग, पत्ता गोभी, खीरा 30 रुपये किलो तक मिल रहे हैं.

क्यों महंगी हो रही है सब्जिया

राज्य के कई क्षेत्र इस समय भारी बारिश और खराब मौसम में ग्रसित हैं, जिस कारण खेत में तैयार फसलों को नुकसान हुआ है. सबसे अधिक प्रभाव फूलगोभी, पत्तागोभी और पालक पर पड़ा है. जबकि  धनिया, बैंगन और टमाटर की फसल भी खराब हो गई है. वहीं बिहार में पिछले दिनों बाढ़ के कारण भी सब्जियों की आवक बहुत कम हुई है.

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इन कारणों बढ़ रहे हैं दाम

जानकारी के मुताबित सब्जियों के दामों में उछाल कई कारणों से आ रहे हैं. जैसे एक तो जगह-जगह हुई भारी बारिश से किसानों को भयंकर नुकसान हुआ है. वहीं प्रशासन के हाथों से सब्जियों सहित खाद्य पदार्थों के दाम अनियंत्रित हो गये हैं. वैसे जमाखोरी भी एक कारण है कि सब्जियों के दाम लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं.

English Summary: price hike of green vegetables people are not able to afford

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