1. बाजार

प्याज की कीमतों पर काबू पाने के लिए एमईपी..

केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में प्याज की कीमतों पर काबू पाने के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य 850 यूएस डॉलर  तय कर दिया है। जाहिर है कि केंद्र ने ये कदम लगातार घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता कम होने व प्याज की कीमते बढ़ने के फलस्वरूप उठाया है। यदि आंकड़ों की माने तो देश से इस वर्ष पिछले सत्र की अपेक्षा 56 प्रतिशत अधिक प्याज निर्यात किया है। साथ ही इस साल प्याज के रकबे में काफी कमी आई है। जिसके चलते सरकार के लिए प्याज की आपूर्ति करना काफी चुनौतीपूर्ण है। उपभोक्ता मंत्रालय मंत्री रामविलास पासवान ने अगस्त में उद्दोग मंत्रालय से प्याज के निर्यात पर एमईपी (मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस) लगाने का प्रस्ताव रखा था।

इस बीच सरकार ने प्याज की आपूर्ति करने के लिए राज्यों के एमएमटीसी द्वारा 2000 टन प्याज आयात करने को कहा है तो वहीं एसएफएसी व नाफेड द्वारा देश में ही प्याज को खरीदकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि देश में खरीफ सीजन में प्याज की फसल 10 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है। जिसका कारण बारिश के कारण फसल बर्बाद होना बताया जा रहा है।

English Summary: MEP to control onion prices.

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