पिछले दो दिनों से देश के मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का दौर जारी है. मौसम विभाग ने अब चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज बारिश की गतिविधियां सबसे अधिक सक्रिय रहेंगी और कश्मीर घाटी में भारी बारिश व बर्फबारी की संभावना है. इस बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं देशभर का मौसम पूर्वानुमान-
17 राज्यों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, देश के करीब 17 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है. उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत कई राज्यों में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है. इसके साथ ही तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है, जिनकी रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का मौसम परिवर्तन खेती, जनजीवन और यातायात पर असर डाल सकता है. इसलिए किसानों और आम लोगों को पहले से तैयारी रखने की जरूरत है.
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के अनुसार, 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा. इसके प्रभाव से मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा. तापमान की बात करें तो 30 और 31 मार्च के बीच अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है. वहीं पूर्वी भारत में 2 अप्रैल तक तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.यह पश्चिमी विक्षोभ बारिश, तेज हवाओं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का कारण बन सकता है.
ओलावृष्टि और आंधी-तूफान की संभावना
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में 30 और 31 मार्च के दौरान ओलावृष्टि की चेतावनी दी है. इसके अलावा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है.
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में ओले गिर सकते हैं, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें.
दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम
केवल उत्तर और पूर्व भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा. यहां अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
कई क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की संभावना है.
दिल्ली में आज का मौसम
राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है. आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक है. वहीं अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को तेज हवाओं के साथ बारिश के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है.
उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाएं
उत्तर प्रदेश में 30 और 31 मार्च को कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
इसके साथ ही गरज-चमक और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कुछ क्षेत्रों में आंधी-तूफान जैसी स्थिति भी बन सकती है.
मौसम विभाग ने 3 अप्रैल से फिर से बारिश के आसार जताए हैं. लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है.
बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश
बिहार में 29 मार्च से 1 अप्रैल के बीच मौसम सक्रिय रहने वाला है. इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कुछ स्थानों पर तेज बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना है. इस स्थिति में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है.
उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी
पहाड़ी राज्यों में मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है. हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है. लाहौल-स्पीति के सिस्सू क्षेत्र में ताजा बर्फबारी से पूरा इलाका सफेद चादर में ढक गया है. मौसम विभाग के अनुसार, 30 मार्च को भी बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है. इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 3 और 4 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. तेज हवाओं और बारिश के दौरान बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें. किसानों को अपनी फसलों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से बचाने के लिए उचित उपाय करने चाहिए. साथ ही बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है.
इस तरह, आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का प्रभाव देखने को मिलेगा. ऐसे में सतर्कता और तैयारी ही नुकसान से बचने का सबसे बेहतर तरीका है.
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