Success Stories

नौकरी छोड़कर खेती से पेश की मिसाल, अच्छी आमदनी ही नहीं रोजगार भी दे रही होनहार वल्लरी

उगते सूरज को दुनिया नमस्कार करती है। जी हां, इस कहावत को सही साबित किया है छत्तीसगढ़ के महासमुंद की वल्लरी ने, वह एक असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी को छोड़कर आज खेती की दुनिया में सफलता के ऊचाइयां छू रही हैं। उनका मानना है जो खुशी एक किसान बनने में वह नौकरी में व अन्य रोजगार में नहीं हो सकती।

इंजीनियरिंग की बीई और एमटेक की डिग्री हासिल करने वाली, वल्लरी ने बताया कि वह अपने पिता के साथ गाँव आया करती थीं। इस दौरान वह अपने ननिहाल जाकर नाना के साथ खेती की जानकारी हासिल किया करती थीं। आज उसी राह पर चलकर वल्लरी सब्जी की खेती करती हैं। जिसकी मांग पड़ोसी राज्यों के बड़े शहरों के साथ-साथ देश की राजधानी दिल्ली तक है। उन्हें सालाना प्रति एकड़ लगभग 50 हजार रुपए की आमदनी होती है।

 

वह न केवल आज खुद खेती के जरिए अच्छी आमदनी हासिल कर रही हैं बल्कि 50 बेरोज़गारों को रोजगार दे रही हैं। इसके अतिरिक्त जब भी उन्हें शाम में खेती के अलावा समय मिलता है वह उसे लड़कियों को शिक्षित करने में बिताती हैं। वह उन्हें इंग्लिश वह कंप्यूटर का प्रशिक्षण देती हैं।

आज वह उस अनुभव को खेतों में करके दिखा रही हैं। यही नहीं खेती के अधिकतर कार्य वह स्वयं करती हैं। इस दौरान वह खुद ट्रैक्टर चलाकर खेतों पर जाती हैं। उनके द्वारा इस समय करेला, लौकी, मिर्च और टमाटर आदि की खेती की जा रही है। वल्लरी बताती हैं कि उनके परिवार में सभी लोग सरकारी नौकरी में थे जिसके कारण परिवार में किसी ने भी खेती स्वयं नहीं की है लेकिन वह स्वयं 38 एकड़ में खेती करती हैं। जो कि अपने आप में एक कामयाबी की कहानी बयां करती है।



English Summary: Exemption from farming, farming, not only good income but also promising employment

Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in