17 हजार रूपये से बना करोड़पति, पहले इस किसान की शादी से परेशान थे घरवाले

सोनीपत जिले के किसान ने 17 हजार रुपए से बिजनेस शुरू कर करोड़पति बनने के सपनों को साकार कर दिखाया है। सोनीपत जिले के किसान ने 17 हजार रुपए से बिजनेस शुरू कर करोड़पति बनने के सपनों को साकार कर दिखाया है। 25 साल पहले इस बिजनेस को शुरू करने वाले किसान रमाकांत त्यागी बताते हैं कि शुरूआत में इसे करने से फैमिली के लोगों ने रोका। उन्हें डराया गया कि इस बिजनेस में कोई शादी भी नहीं करेगा, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नही मानी। अब यह किसान उन किसानों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो कम जमीन और जमीन भी अच्छी नहीं होने के कारण खर्चे पूरे नहीं कर पा रहे हैं।

बिजनेस को लेकर पिता ने किया था झगड़ा...

किसान रमाकांत त्यागी ने बताया कि पिता ने 25 साल पहले झगड़ा किया और मधुमक्खी के बिजनेस को अपनी तोहीन समझा, जिद की और पीछे मुड़कर नहीं देखा।

आज बिजनेस से हरियाणा और यूपी के 250 किसान जुड़ चुके हैं और उससे मधुमक्खी लेकर स्वयं बिजनेसमैन बन रहे हैं। इस बिजनेस में ना डिग्री की आवश्यकता है और ना ही किसी प्रकार की शर्त पूरी करनी है।

मधुमक्खियों की देखरेख से ही कम पैसे में चोखा मुनाफा कमाया जा सकता है। यही नहीं किसान के खेत में फसलों का उत्पादन भी काफी हद तक बढ़ जाता है। कई किसान यह मुनाफा ले भी रहे हैं।

एक छत में तीन मक्खी होती हैं। रानी, कमेरी, ड्रोन। रानी शहद बनाती है, कमेरी रक्षा करती है, ड्रोन शहद खाते हैं। एक रानी मक्खी रोज 1500 अंडे देती है 16 दिन में रानी मक्खी, 22-22 दिन में कमेरी और ड्रोन मक्खी बनती है।

साल 1992 में 20 कॉलोनी से बिजनेस शुरू किया। आज 1200 कॉलोनी उसके पास हैं। एक कॉलोनी में 10 फ्रेम (छत्ते) 4 कॉलोनी में मौसम अनुकूल करने पर तीन माह में एक टीन शहद या 25 किलोग्राम शहद निकलता है।

मधुमक्खियों को लेकर वह देहरादून के लीची बाग, यूपी के मुरादाबाद क्षेत्र के रामपुरा में लेकर जाते है। कलानौर में सरसों के सीजन में बिजनेस बढ़ाने के लिए जाते हैं। किसान पिछले दस साल से लगातार सरकार की तरफ से सम्मानित हो रहा है।

घरवालों ने कहा इस बिजनेस में नही करेगा कोई शादी

किसान रमाकांत त्यागी बताते हैं कि उन्हें बिजनेस करने से परिवार के लोगों ने रोका। डराया गया कि इस बिजनेस में कोई शादी भी नहीं करेगा। सोनीपत में पानी किल्लत और जमीन खराब होने के कारण खेती में खर्चे भी पूरे नहीं होते थे।

ऐसे में एक सक्षम परिवार करना चुनौती भरा रहा। परिवार के लोगों ने साथ छोड़ दिया। जिद्द की और आज उसके पास राई में आलीशान कोठी है। यही नहीं मधुमक्खी पालन की वजह से सेहत भी काफी दुरुस्त रहती है।

दो बेटियों की शादी में गाड़ी के साथ दिए 10-10 बॉक्स

दो बेटियों की शादी में भी गाड़ी के साथ 10-10 बॉक्स (कॉलोनी) मधुमक्खी के भी दिए।

यह उदाहरण करनाल के सीसीएसआरआई में गत दिनों मधुमक्खी पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में सोनीपत के सोनीपत के राई वासी किसान रमाकांत त्यागी ने पेश किया।

इस किसान की उपलब्धि पर पंडाल में बैठे सैकड़ों किसानों ने तालियां बजाकर हौसला बढ़ाया। जहां सेमिनार होता है वैज्ञानिक भी किसान रमाकांत को सेमिनार में किसान को प्रैक्टिकल के तौर पर लेकर जाते हैं।

करनाल के सम्मेलन में देशभर से 90 किसानों सहित काफी संख्या में हार्टिकल्चर के एक्सपर्ट भी वहीं रहे।

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