उत्तर प्रदेश के गांव बबुरी (मंझारी), तहसील- फतेहपुर, जिला- बाराबंकी में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत उत्पादों एवं टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक फार्मर मीटिंग का सफल आयोजन किया गया. इस बैठक में गांव के 62 प्रगतिशील किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई सोच, नई तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने के लिए प्रेरित करना था, जिससे वे अपनी फसल उत्पादन क्षमता बढ़ा सकें और खेती की लागत को कम कर सकें.
मीटिंग के दौरान किसानों ने अपने अनुभव साझा किए, खेती से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की और समाधान के लिए विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया. यह बैठक किसानों के लिए ज्ञानवर्धन और भविष्य की खेती की बेहतर योजना बनाने का एक सशक्त मंच साबित हुई.
जायडेक्स कंपनी का परिचय एवं कार्य क्षेत्र
मीटिंग के दौरान जायडेक्स कंपनी के संजीत वर्मा द्वारा किसानों को जायडेक्स कंपनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. उन्होंने बताया कि जायडेक्स कंपनी केवल एग्रो डिवीजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए समाज और किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. जायडेक्स कंपनी आधुनिक तकनीक, रिसर्च आधारित उत्पाद और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों पर विशेष ध्यान देती है, जिससे खेती लंबे समय तक लाभकारी बनी रहे.
जायडेक्स कंपनी का विज़न
किसानों को जायडेक्स कंपनी के विज़न के बारे में भी अवगत कराया गया. बताया गया कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन दिलाना, मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखना, पानी की बचत करना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है. जायडेक्स का विज़न टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खेती एक लाभकारी व्यवसाय बनी रहे.
एग्रो डिवीजन के उत्पादों की विस्तृत जानकारी
जायडेक्स कंपनी के एग्रो डिवीजन के सभी उत्पादों के बारे में किसानों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई. प्रत्येक उत्पाद के गुण, उपयोग की सही विधि, मात्रा, समय और फसल के अनुसार उसके प्रयोग को सरल भाषा में समझाया गया. किसानों को यह भी बताया गया कि उत्पादों का सही तरीके से उपयोग करने पर फसल की बढ़वार, जड़ विकास और उत्पादन में किस प्रकार सुधार देखा जा सकता है.
वर्तमान फसलों में जायटॉनिक उत्पादों का उपयोग
वर्तमान में चल रही फसलें जैसे गेहूं, गन्ना, मिर्च, सरसों और लहसुन में जायटॉनिक उत्पादों के उपयोग पर विशेष चर्चा की गई. किसानों को बताया गया कि फसल की अलग-अलग अवस्थाओं में कौन-सा उत्पाद उपयोग करना अधिक लाभकारी रहेगा. इससे फसल की वृद्धि बेहतर होती है, पौधे स्वस्थ रहते हैं और उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार आता है.
आगामी फसलों के लिए तकनीकी मार्गदर्शन
आने वाली फसलें जैसे- उड़द, खीरा और मक्का के लिए बेसल डोज तथा बाद में मुख्य फील्ड में जायटॉनिक उत्पादों के प्रयोग की विस्तृत जानकारी दी गई. किसानों को समझाया गया कि यदि फसल की शुरुआत सही तकनीक से की जाए तो आगे चलकर उत्पादन और लाभ दोनों में वृद्धि होती है.
जायटॉनिक उत्पादों से होने वाले लाभ
मीटिंग में किसानों को यह बताया गया कि जायटॉनिक उत्पादों के प्रयोग से सिंचाई की बचत, मिट्टी की संरचना में सुधार, जड़ों का मजबूत विकास, तथा पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इसके साथ ही फसल को मौसम के तनाव से भी बचाव मिलता है, जिससे फसल सुरक्षित रहती है और उत्पादन में निरंतरता बनी रहती है.
जायद सीजन की फसलों के लिए अनुशंसित उत्पाद
जायद सीजन की फसलों के लिए Zytonic-M, Zytonic Zinc, Nursery-Kit, Zytonic-K, Zytonic NPK, Zytonic-Active एवं जायटॉनिक-सुरक्षा + नीम स्प्रे के उपयोग और उनसे होने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई. किसानों को बताया गया कि इन उत्पादों के नियमित प्रयोग से फसल स्वस्थ रहती है और कीट-रोगों का प्रकोप कम होता है.
जायटॉनिक-गोधन का महत्व
मीटिंग में जायटॉनिक-गोधन के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई. किसानों को बताया गया कि इसके प्रयोग से मिट्टी की जैविक गुणवत्ता में सुधार होता है, सूक्ष्म जीवों की सक्रियता बढ़ती है और फसल को लंबे समय तक पोषण मिलता है.
ग्लास डेमो के माध्यम से तकनीकी समझ
किसानों को ग्लास डेमो के माध्यम से जायटॉनिक टेक्नोलॉजी को व्यवहारिक रूप में समझाया गया. इस डेमो से किसानों को उत्पादों की कार्यप्रणाली को समझने में आसानी हुई और उनका विश्वास तकनीक पर और अधिक मजबूत हुआ.
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