उत्तर प्रदेश में खेती बड़े पैमाने पर की जाती है और सरकार भी किसानों के लिए कई योजना लेकर आती रहती है, ताकि किसान उत्पादन के साथ आमदनी में भी इजाफा कर सकें. ऐसे में यूपी सरकार ने राज्य के किसानों को खुशखबरी दी है कि अगर किसान ड्रैगन फ्रूट और गेंदा जैसी फसलों की खेती करते हैं, तो भारी सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं. चलिए आगे जानते हैं कि इन फसलों पर सरकार कितनी सब्सिडी प्रदान करेंगी.
किन फसलों पर कितनी मिलेगी सब्सिडी की छूट?
अगर आप किसान है और ऐसी फसल की तलाश में है, जिसमें सरकार की ओर से भी सहायता मिल सकें. ऐसे में अगर आप अगर इन फसलों का चुनाव करते हैं, तो ‘मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना’ के तहत इन फसलों पर सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं-
गेंदा फूल की खेती
किसान अगर गेंदा फूल की खेती करते हैं, तो ‘मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना’ के तहत इस फसल पर 40% तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं और साथ ही इस मदद से किसान बीज, पौध, उर्वरक, सिंचाई और अन्य कृषि इनपुट पर होने वाले खर्च में भी राहत पा सकते हैं और अपनी आमदनी में भी इजाफा कर सकते हैं.
ड्रैगन फ्रूट की खेती
ड्रैगन फ्रूट एक ऐसी फसल है, जिसकी मांग देश में ही नही विदेश में भी बड़े पैमाने पर है. ऐसे में अगर किसान इस फसल की खेती करते हैं, तो वह यूपी सरकार की ओर से इस फसल की खेती करने पर ₹1.62 लाख प्रति हेक्टेयर तक का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं.
आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?
अगर आप किसान है और इस योजना में इच्छुक है, तो आप ‘मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना’ में अपने संबंधित जिला उद्यान विभाग कार्यालय में जाकर इस योजना के लिए अप्लाई कर सकते हैं या इसके अलावा, राज्य सरकार का आधिकारिक पोर्टल पर भी आप सरल तरीके से आवेदन कर सकते हैं और इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.
साथ ही बता दें कि लाभार्थियों का चयन “पहले आओ पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा. इसका मतलब है कि जो किसान पहले आवेदन करेंगे, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
अगर आप इस योजना में इच्छुक है और आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो इन जरुरी दस्तावेज का होना बेहद ही जरुरी है, जिसके माध्यम के आप आवेदन कर सकते हैं, जिनमें है- आधार कार्ड, खतौनी / भूमि संबंधित दस्तावेज, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो होना जरुरी है.
ड्रैगन फ्रूट की खेती क्यों है फायदेमंद?
ड्रैगन फ्रूट की खेती फरवरी से मार्च के महीने में रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं. अगर किसान इस फसल का एक बार पौधा लगाते है, तो लगभग 20–25 वर्षों तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और साथ ही यह फसल शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में भी अच्छी तरह बढ़ती है और पौधारोपण के 1.25 से 1.5 वर्ष के भीतर फल आने लगते हैं.
इसी प्रकार गेंदा फूल की खेती किसानों के लिए सही विकल्प साबित हो सकती है. यह फसल कम समय में जल्दी तैयार हो जाती है और धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में साल भर मांग बनी रहती है, जिससे किसानों की अच्छी कमाई होनी की संभावना बढ़ जाती है.
लेखक: रवीना सिंह
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