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200 करोड़ का “बनाना क्लस्टर” बनेगा, कृषि क्षेत्र में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम: केंद्रीय कृषि मंत्री

गुड़ी पड़वा के अवसर पर जलगांव पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केला उत्पादक किसानों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाना क्लस्टर विकसित किया जाएगा। इससे कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग, निर्यात और आधुनिक तकनीक के जरिए किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

KJ Staff
shivraj
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Image Source- x.com/ChouhanShivraj)
  • 200 करोड़ का "बनाना क्लस्टर": कृषि क्षेत्र में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम- केंद्रीय कृषि मंत्री

  • मिट्टी की उर्वरता बरकरार रखने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर जलगांव में केला उत्पादक किसानों के साथ आत्मीय संवाद किया और किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सभी को गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खानदेश की धरा जलगांव “स्वर्ण नगरी” और “बनाना सिटी” के रूप में जानी जाती है जो देश के बागवानी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

चौहान ने बताया कि जलगांव में लंबे समय से प्रस्तावित बनाना क्लस्टर परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और इसे 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इस क्लस्टर के अंतर्गत गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिस, मैकेनाइजेशन, बायो-कंट्रोल, फ्रूट कवर तथा प्री-कूलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही कोल्ड स्टोरेज, राइपनिंग चेंबर, रेफ्रिजरेटेड वैन, प्रोसेसिंग एवं निर्यात से जुड़ी अधोसंरचना भी तैयार की जाएगी। MIDH और एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत इन सुविधाओं के लिए सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने किसानों को मिलने वाले कम दाम और शहरों में ऊंची कीमतों के बीच बड़े अंतर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई बार किसानों को टमाटर जैसे उत्पाद बहुत कम कीमत पर बेचने पड़ते हैं जबकि शहरों में वही उत्पाद कई गुना अधिक मूल्य पर बिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस मूल्य अंतर को कम करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करेगी ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि केला जैसी फसलें MSP पर खरीदकर लंबे समय तक संग्रहित नहीं की जा सकती, इसलिए सरकार एक ऐसे वैकल्पिक मॉडल पर विचार कर रही है, जिसमें बाजार मूल्य अत्यधिक कम होने पर किसानों को लागत या निर्धारित मॉडल मूल्य और बाजार भाव के बीच का अंतर प्रदान किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रयोग मिर्च और आम जैसी फसलों में किए गए हैं और ‘पीएम-आशा’ योजना के तहत भी नए मॉडल विकसित किए जा रहे हैं।

चौहान ने अत्यधिक रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग से मिट्टी की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे ऑर्गेनिक कार्बन की कमी हो रही है, मित्र कीट नष्ट हो रहे हैं और भूमि की उर्वरता घट रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाएं और शुरुआत छोटे स्तर पर प्रयोग के रूप में करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सही तरीके से की गई प्राकृतिक खेती से उत्पादन में कमी नहीं आती, बल्कि भूमि की क्षमता और उत्पादकता बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि किसानों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा और जलगांव के केले को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। भारतीय संस्कृति के मूल भाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी के कल्याण और समृद्धि की कामना की तथा किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

English Summary: Union Agriculture Minister Major Announcement Banana Cluster to be Established at a Cost of Rs 200 Crore Published on: 19 March 2026, 11:45 PM IST

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