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राष्ट्र को सशक्त बनाने की शक्ति है 'स्मार्ट सिटी' परियोजना - आशिष रामचंदानी

'स्मार्ट सिटी' का नाम सुनते ही हमारे जहन में कई तरह के ख्याल आने लगते हैं . सरकार के विशेष प्रयासों के बावजूद भी आज दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि आम जनमानस को इसकी समझ या तो गलत है या फिर है ही नहीं. इसलिए कृषि जागरण की टीम ने मिलकर एक्सीबिशन इंडिया ग्रुप के मैनेजर आशिष रामचंदानी जी का साक्षात्कार किया. बता दें कि एक्सीबिशन्स इंडिया ग्रुप एक ट्रेड प्रमोशन आर्गेनाइजेशन है और यह स्मार्ट सिटी मुद्दे पर 22 से 24 मई को अंतराष्ट्रिय प्रदर्शनी का आयोजन करवा रही है. पेश है साक्षत्कार के कुछ अंश-

1. स्मार्ट सिटी आखिर क्या है?

जवाब : देखिए स्मार्ट सिटी की ऐसी कोई परिभाषा नहीं है जिसे सभी वर्गों द्वारा सर्वत्र स्वीकार कर लिया जाए. अलग-अलग जगहों के लिए सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से स्मार्ट सिटी की परिभाषा भिन्न हो सकती है. लेकिन हां स्मार्ट सिटी से आशय शहर में इस तरह के परिवर्तन से जरूर है, जिससे विकास को बढ़ावा मिले, लोगों के जीवन में परिवर्तन आएं .

2. क्या स्मार्ट सिटी में सामाजिक विकास भी शामिल है?

जवाब:  जी हां, देखिए स्मार्ट सिटी सरकार द्वारा चलाई गई एक परियोजना है और इसका एकमात्र उद्देश्य समाज को विकसित करना है. वैसे भी सरकार की हर परियोजना समाज के इर्द- गिर्द ही घूमती है. तो इसलिए स्मार्ट सिटी परियोजना में इकोनॉमिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की भी कोशिश की गयी है.

3. स्मार्ट सिटी परियोजना में प्राइवेट सेक्टर भी भाग ले रहें हैं, ऐसे में स्मार्ट सिटी क्या गरीब तबके के लिए फायदेमंद साबित होगी?

जवाब : आज सरकार के प्रत्येक परियोजनाओं में प्राइवेट सेक्टर की साझेदारी है और यह सच है कि इस परियोजना में भी प्राइवेट सेक्टर की भी भागीदारी रहेगी, लेकिन फिर भी उसका फायदा आम लोगो को मिलेगा. मैं कृषि जागरण के माध्यम से भरोसा दिलाना चाहता हूं कि स्मार्ट सिटी समाज के सभी वर्गों के लिए फायेदेमंद है.

4. इस परियोजना से लोगों की मूल आवश्यकता कैसे पूरी होगी, क्या यह स्मार्ट सिटी सभी जगह एक जैसे सुविधाएं देगी?

 

जवाब: हमें इस बात को समझना होगा कि भगौलिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारकों की वजह से अलग-अलग जगहों पर इस परियोजना में अलग-अलग लक्ष्यों को रखा गया है. जहां टेक्नोलॉजी की जरूरत होगी, वहां टेक्नोलॉजी पर फोकस किया जाएगा, जहां सामाजिक विकास की जरूरत होगी, वहां सामाजिक विकास पर प्रमुखता से काम किया जाएगा इसी तरह से जहां पर इंडस्ट्री की जरूरत होगी, वहां इंडस्ट्री पर काम किया जाएगा. मुख्य रूप से इस परियोजना में सभी सेक्टर के लिए कुछ ना कुछ है.

5. क्या यह परियोजना वातावरण को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है?

जवाब : आज लोग वातावरण को बचाने के लिए पहले से कुछ अधिक गंभीर हुए हैं, जो कि एक अच्छी बात भी है और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि यह परियोजना पूर्णत: एनवायरनमेंट फ्रेंडली (Environmentally Friendly ) होने के साथ-साथ सस्टेनेबल डेवलपमेंट  (Sustainable Development ) में भी सहयोगी है.



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