बिहार सरकार राज्य की जर्जर सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए एक अनोखी योजना लेकर आई है. अब अगर राज्य का कोई भी व्यक्ति सड़क पर गड्ढे की जानकारी देता है, तो उस व्यक्ति इसके बदले में सरकार 5000 हजार रुपये का इनाम देंगी. इसके अलावा स्कीम की जानकारी खुद बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री ने दी और कहां की इस योजना की शुरुआत 15 फरवरी से पूरे राज्य में कर दी जाएगी.
गड्ढा बताने पर कितनी मिलेगी राशि?
‘गड्ढा बताओ–इनाम पाओ’ योजना यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका सरकार का शुरु करने के पीछे मकसद है राज्य की सभी सड़कों का निर्माण करवाना. साथ ही इस योजना में व्यक्ति सड़क पर मौजूद गड्ढे की सूचना देता है और जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो शिकायतकर्ता को 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
वहीं, मंत्री ने यह कहां कि इस योजना से ठेकेदारों के मन में भय रहेंगा और विभागीय इंजीनियर भी सर्तक रहेंगे. अगर किसी भी क्षेत्र में गड्ढा पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
72 घंटे में होगी गड्ढों की समस्या दूर
बिहार सरकार रोड मेंटेनेंस पॉलिसी के तहत सड़कों की मरम्मत करने के लिए ‘रोड एम्बुलेंस’ की व्यवस्था की जा रही है, जो इस प्रकार है-
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किसी भी सड़क पर गड्ढे की सूचना मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर उसकी मरम्मत अनिवार्य होगी.
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साथ ही हर चौक-चौराहे पर रोड एम्बुलेंस का हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किया जाएगा और इस व्यवस्था के लागू होने के बाद बिहार में 72 घंटे से अधिक समय तक कोई भी गड्ढा नहीं रहेगा.
टेंडर प्रक्रिया में क्या बदलाव?
राज्य की सड़कों का इतना बुरा हाल होने के पीछे का कारण है टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता जिसकी वजह से सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में सख्त नियम लागू किए है इस प्रकार-
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अगर अभी के कई ठेकेदारों की अगर बात करें तो निविदा मूल्य से 35-40 प्रतिशत कम दर पर टेंडर डालते हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होती है.
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वहीं, अगर नई नीति की बात करें तो कोई भी ठेकेदार 10 प्रतिशत से कम दर पर टेंडर नही डाल सकेंगा और इससे भ्रष्टाचार में कमी आएगी साथ ही सड़क निमार्ण की गुणवत्ता में सुधार होगा.
पांच एक्सप्रेस हाईवे का होगा निमार्ण
सड़क निमार्ण के अलावा बिहार में पांच नए एक्सप्रेस हाईवे बनाने की योजना पर काम चल रहा है. इन हाईवे के बन जाने के बाद राज्य के किसी भी कोने से पांच घंटे के भीतर पटना पहुंचना संभव होगा. यानी की अब इन हाईवे की मदद से समय के साथ सफर करना भी आसान होगा, क्योंकि सरकार का यह लक्ष्य है-
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पहले से बने हाईवे को चुस्त-दुरुस्त करना.
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साथ ही जिला स्तर की सड़कों का चौड़ीकरण करना.
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पूरे राज्य में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना.
लेखक: रवीना सिंह
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