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किसानों के लिए व्यवसायिक खेती का सबसे बड़ा स्त्रोत पतंजलि

आज दिल्ली के कान्सटीट्यूसन क्लब में योगगुरु बाबा रामदेव ने पतंजलि ब्रांड की सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। यहां उन्होंने अपने पतंजलि ब्रांड के पिछले साल रहे कारोबार की जानकारी दी। रामदेव ने बताया कि पतंजलि का टर्नओवर 10,561 करोड़ रुपए रहा है और मुनाफा 100 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पतंजलि पर कई लोगों ने सवाल उठाए और कई लोगों ने इसके प्रोडक्ट के बारे में गलत जानकारियां भी फैलाई हैं।

रामदेव ने कहा कि मुसलमानों में भ्रम फैलाया जा रहा है कि‍ पतंजलि की हर दवा में है गोमूत्र होता है। उन्होंने कहा कि लोगों का भरोसा हमारी ताकत है और हम गौमूत्र छिपाकर नहीं बेचते।बाबा रामदेव ने कहा, “आने वाले एक से दो साल में पतंजलि सबसे बड़ा स्वदेशी ब्रांड बन जाएगा। इस साल पतंजलि आवासीय सैनिक स्कूल खोलेंगे। यह स्कूल शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए मुफ्त होगा। स्कूल की लोकेशन एनसीआर के आसपास होगी।” उन्होंने कहा , “देश में लेवलिंग का कानून है कि आपने प्रोडक्ट में जो भी डाला है वह लिखना होगा। पतंजलि के किसी भी प्रोडक्ट में क्या डाला गया है वह ऊपर ही लिखा होता है। हमारी मात्र पांच औषधियों में गौमूत्र मिलता है। उसमें से पीने वाला एक ही प्रोडक्ट गोमूत्र अर्क है, जिसपर गोमूत्र लिखा हुआ है। बाकि चार अन्य चीजें बिना खाने वाली हैं। इसके अलावा पंतजलि के करीब एक हजार प्रोडक्ट हैं उनमें गोमूत्र नहीं है। हम कुछ छिपाते नहीं है।”

लाखों किसानों को साथ में जोड़ने का लक्ष्य

बाबा रामदेव कृषि की बात करते हुए बोले कि, आज पतंजलि के साथ जो किसान जुड़ें है वो बेहतर मुनाफा पा रहें है | जिस बंजर जमीन की कीमत 20 या 25 हज़ार से ज्यादा नहीं है आज उस जमीन पर किसान एलोवीरा उगाकर लाखों रूपये  का मुनाफा ले रहें है | अभी तक पतंजलि के साथ हजारों की संख्या में किसान सीधे जुड़े हुए है लेकिन हमारा लक्ष्य लाखों, करोड़ों किसानों को पतंजलि के साथ जोड़ना है | उन्होंने कहा किसानों के लिए व्यावसायिक खेती का सबसे बड़ा स्त्रोत पतंजलि है |  

पतंजलि आयुर्वेद के आंकड़ों पर एक नजर

पिछले फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में पतंजलि ने कुल 10 हजार 500 करोड़ रुपए का कारोबार किया है। इसमें 940 करोड़ के टूथपेस्‍ट की बिक्री शामिल है। वहीं, लोकप्रिय हेयर ऑयल केशकांति से कुल 825 करोड़ रुपए की आय हुई है। इसके अलावा बाथ सॉप से 572 करोड़ रुपए, सरसों के तेल से 522 करोड़ रुपए, शहद से 322 करोड़ रुपए और देसी घी से कुल आय 1467 करोड़ रुपए की हुई है।

जानिए पतंजलि का लक्ष्य 

बाबा रामदेव ने कंपनी की आगे की योजनाओं का जिक्र करते हुआ बताया कि उन्होंने अगले 2 साल में कंपनी को देश की सबसे बड़ी FMCG कपंनी बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वो तेजी से विस्तार कर रहे है। साथ ही उन्होंने कहा कि पतंजलि आंध्र प्रदेश के विजय नगर में नया प्लांट लगाएगी। इसके अलावा वो स्कूल कारोबार में भी उतरने की योजना बना रहे है। पहला स्कूल दिल्ली-NCR  में खोला जाएगा। इन स्कूल में शहीदों के बच्चों के लिए फ्री शिक्षा उपलब्ध होगी।

बाबा रामदेव ने ऐलान किया कि पतंजलि 1-2 साल में पतंजलि होगा सबसे बड़ा स्वदेशी ब्रांड होगा और इसका टर्नओवर देखकर विदेशी कंपनियां कपालभाति करने लगेंगीं. बाबा रामदेव ने इस दौरान 10 बड़े ऐलान किए.

  1. पतंजलि का टर्नओवर 10561 करोड़ हो गया. और कंपनी 100 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ रही है.
  2. 1-2 साल में पतंजलि होगा सबसे बड़ा स्वदेशी ब्रांड.
  3. इस समय 30-40 हजार करोड़ सालाना की प्रोडक्शन कैपिसिटी है, अगले साल तक यह क्षमता 60 हजार करोड़ तक होगी.
  4. नोएडा में यूनिट लगेगी, इस यूनिट में 20-25 हजार करोड़ रुपये प्रोडक्शन क्षमता होगी. हमनें किसी से कृपा में कोई जमीन नहीं ली है.
  5. पतंजलि को लेकर लगातार अफवाहें फैलाई जा रही हैं, मुस्लिम लोगों को कहा जा रहा है कि हमारे सभी प्रोडक्ट्स में गो-मूत्र शामिल है. रामदेव ने कहा कि हमारे सिर्फ 4-5 प्रोडक्ट्स में गो-मूत्र शामिल है. जिसमें भी यह शामिल है हम उसमें यह लिखते हैं.
  6. हमने सुकमा के शहीदों के परिवार के लिए 2-2 लाख रुपये देने का ऐलान किया है.
  7. शहीदों के बच्चों की शिक्षा के लिए हम स्कूल खोलेंगे. उन्होंने कहा कि यह आवासीय स्कूल 1000 बच्चों की क्षमता वाला होगा.
  8. हमारा मकसद है स्वदेशी ब्रांड के सामान देश के लोगों तक पहुंचाना. बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि का सारा प्रॉफिट चैरिटी के लिए जाता है.
  9. रामदेव ने कहा कि पतंजलि का उत्तराधिकारी कोई व्यापारी नहीं होगा. कोई संन्यासी ही पंतजलि का उत्तराधिकारी होगा.
  10. हमारी कंपनी ने टूथपेस्ट बेचकर 940 करोड़ रूपये कमाए, बाबा रामदेव बोले कि पतंजलि का देसी घी बेचकर हमने 1467 करोड़ रुपये कमाये.


English Summary: Patanjali, the biggest source of commercial farming for farmers

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