नहीं रहे पद्मश्री डॉ. मनमोहन अत्तावर...

भारतीय कृषि को को नयी दिशा देने के पीछे कृषि क्षेत्र में काम करने वाले बहुत सारे लोगो का योगदान रहा है. भारत की कृषि में सीड इंडस्ट्री को एक नयी दिशा देने वाले उद्यमी डॉ. मनमोहन अत्तावर का 12 दिसम्बर को निधन हो गया. उन्होंने भारतीय कृषि को एक नयी दिशा देने का काम किया. भारतीय किसानों को अधिक गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई.

डॉ.मनमोहन का निधन 85 वर्ष की आयु में हुआ है. साल 1932 में जन्में डॉ. अत्तावर ने कृषि के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य किये हैं. 1965 में इंडो अमेरिकन हाइब्रिड सीड्स की स्थापना की. इस कंपनी ने किसानों को हाइब्रिड और उच्च गुणवत्ता वाले बीज किसानों को उपलब्ध कराती है. उन्होंने इस कंपनी की शुरुआत ऐसे समय में की थी जब देश की कृषि को सही मायनो में इसकी जरुरत थी. आज उनके द्वारा बोया गया इंडो अमेरिकन कंपनी का का बीज देशभर में अपनी शाखाए फैलाए हुए है.

वह भारत सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सदस्य रहे. डॉ.मनमोहन अत्तावर को उनके कार्य के लिए उनको भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. इसके अलावा उनको राज्योत्सव अवार्ड, अपीडा अवार्ड, आईसीए गोल्डन जुबली इंटरनेशनल अवार्ड् और आईएसएफ अवार्ड से भी सम्मानित किया गया. कृषि जागरण परिवार की ओर से डॉ. मनमोहन अत्तावर को श्रद्धांजलि.  

Comments