बिहार सरकार ने महिलाओं को दी है बड़ी खुशखबरी और इसके पाछे का कारण है वित्त वर्ष 2026-27 का सबसे बड़ा बजट जो मंगलवार को पेश किया गया है, जिसके तहत वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ₹3,47,589.76 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले साल के ₹3.17 लाख करोड़ के बजट से काफ़ी अधिक है.
बता दें कि इस बजट में बिहार सरकार ने फोकस विशेष रुप से महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीब परिवारों के जीवन स्तर में वास्तविक बदलाव लाने पर केंद्रित किया है, जिसमें महिला रोजगार को लेकर भी वित्त मंत्री ने बड़े ऐलान किए है, जिसकी मदद से महिलाओं को नई दिशा मिलेगी और वह अपना खुद का व्यवसाय शुरु कर सकेंगी.
किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी
बजट वित्त वर्ष 2026-27 में किसान भाइयों के लिए चौथे कृषि रोडमैप को जारी रखने की घोषणा की गई है, जिसके तहत कृषि उत्पादन बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, भंडारण क्षमता बढ़ाने और किसानों को बाज़ार से जोड़ने पर काम होगा. साथ ही बिहार सरकार ने स्थानीय हाट-बाज़ारों को मजबूत करने पर भी ज़ोर दिया है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े.
महिलाओं को मिलेगी दो लाख की मदद
बिहार बजट 2026 इस बार महिलाओं के लिए हर मायने में बेहद ही खास है, क्योंकि इस बजट में विशेष तौर पर महिलाओं के विकास पर जोर दिया गया है. वित्त मंत्री के मुताबिक अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल चुका है और इन योजनाओं के तहत महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता देने के लिए पहले चरण में ₹10,000 की राशि दी जा चुकी है, ताकि महिलाएं कोई छोटा-मोटा व्यवसाय शुरु कर सकें.
अब सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए बड़ा ऐलान किया है बजट घोषणा में की अब महिलाओं को अपना खुद के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. इससे महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है.
युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस
नीतिश सरकार ने इस बजट में रोजगार और स्वरोजगार को प्रमुख एजेंडा बनाया है. सरकार का मानना है कि जब तक युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा तब तक पूरी तरह से विकास कहीं न कहीं नहीं होगा, जिससे राज्य के युवा पिछड़ जाएंगे और विकास की रफ्तार रुक जाएंगी. इसलिए अब महिला रोजगार योजनाओं के साथ-साथ युवाओं के लिए कौशल विकास, ट्रेनिंग और उद्यमिता को बढ़ावा देने की बात भी बजट में कही गई और यह ऐलान किया गया की आने वाले वर्षों में स्टार्ट-अप, स्किल सेंटर और स्वरोजगार योजनाओं पर खर्च बढ़ाया जाएगा.
लेखक: रवीना सिंह
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