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कड़कनाथ मुर्गीपालन के लिए केवीके वैज्ञानिकों ने किसानों को जागरुक किया

कृषि विज्ञान केंद्र, पन्ना, मध्य प्रदेश में किसानों को 600 जिलों में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं एन. आई. सी. में बेवकास्टिंग के माध्यम से कृषकों से सीधा संवाद को दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने प्रगतिशील कृषकों से उनके द्वारा कृषि के क्षेत्र में की गई उल्लेखीनय सफलता के बारे में अनुभव सुने और उन्हें बधाईयां एवं शुभकामनाएं दी।

मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के कृषकों को कड़कनाथ मुर्गी पालन और ड्रिप सिंचाई विधि से सब्जी  उत्पादन की सफलता के बारे में बताया गया। प्रधानमंत्री का लक्ष्य वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दोगुनी करना है इसलिए बजट में फसलों की लागत को कम करना उत्पादन की उचित मूल्य दिलाना, पैदावार की बर्बादी को नियंत्रण करना तथा मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सूचना केन्द्र पर वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी. एस किरार, डॉ. आर. के जायसवाल वैज्ञानिक एवं 5 प्रगतिशील कृषक बसंत पटेल रिछोड़ा, सुशील त्रिपाठी पडेरी, लक्ष्मणदास सुखरमानी जनवार, श्याम प्रकाश शुक्ला अहिरगुवां, अरविंद कुमार खरे ककरेटा, अग्निमित्र शुक्ला अहिरगुवां और कृषि विज्ञान केन्द्र पर डॉ. आर. पी सिंह वैज्ञानिक,  एन. के पन्द्रे कार्यक्रम सहायक एवं 85 कृषक/महिलाओं ने माननीय प्रधानमंत्री के सीधी कृषक संवाद को देखा और सुना। जिससे कृषकों को कई राज्यों के कृषकों के उल्लेखीनय कार्यों की जानकारी हासिल हुई। कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. किरार द्वारा कृषकों को समन्वित कृषि पद्धति के साथ मधुमक्खी पालन एवं मशरूम उत्पादन करने की सलाह दी गई।



English Summary: KVK scientists alert farmers to Kadkanath poultry

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