के. वी. के में कल्दा पठार के कृषकों को खरीफ फसलों एवं बकरीपालन योजना का प्रशिक्षण

कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना में कल्दा पठार के कृषकों को विगत दिवस दो दिवसीय खरीफ फसलों की उन्नत तकनीक पर डॉ. बी. एस किरार वरिष्ठ वैज्ञानिक , डॉ. आर. के जायसवाल, वैज्ञानिक द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। कृषकों को प्रशिक्षण हेतु रिलायंस फाउण्डेशन से संतोष कुमार सिंह लेकर आए थे। प्रशिक्षण में डॉ. बी.एस किरार द्वारा खरीफ की प्रमुख फसलें धान, उड़द, सोयाबीन, तिल, अरहर की उन्नत किस्मों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। धान की प्रमुख किस्में एम.टी.यू. 1010, दन्तेश्वरी, सहभागी, पी.एस.3, पी.एस 5, जे. आर.एच 5,  जे. आर. एच 8, जे. आर. बी 1,  उड़द पी. यू. 31,  आई. पी. यू. 94-1, शेखर-3, आजाद-3, अरहर- टी.जे.टी. 501, पूसा 992,  आई.सी.पी.एल.-87,  तिल- टी.के.जी. 306, टी.के.जी. 308,  टी.के.जी. 55,  सोयाबीन- जे.एम. 20-29,  जे.एस 20-34,  जे.एस 20-69,  जे.एस 93-05 आदि की अवधि उत्पादकता एवं अन्य विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी।

डॉ. आर. के जायसवाल द्वारा बीजों द्वारा फैलने वाली बीमारियों के प्रबंधन हेतु बीजोपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। बीजों को बुवाई से पहले रसायनिक फफूंदनाशक कार्बोक्सीन 37 प्रतिशत + थायरम 37 प्रतिशत दवा 2 ग्राम या कार्बेण्डजिम 12 प्रतिशत + मैन्कोज़ेब 63 प्रतिशत डब्लू पी दवा 2 ग्राम प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करें या फिर जैविक फफूंदनाशक दवा ट्रायकोडर्मा विरडी 10 मिली. प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित कर सकते हैं। इससे बीज एवं मृदा जनित रोगों को नियंत्रण किया जा सकता है। सोयाबीन एवं उड़द को तना मक्खी, सफेद मक्खी तथा पीला मोजेक रोग की समस्या के निदान हेतु थायोमेथोक्जाम 30 एफ. एस. नामक कीटनाशक से 10 ग्राम/कि.ग्रा. बीज की दर से बीज उपचारित कर बुवाई करें। प्रशिक्षण में कृषकों को खरीफ फसलों की कतार से बुवाई कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं तथा बीज की बचत कर सकते हैं। बीज बुवाई के पहले अन्तिम जुताई के समय सड़ी गोबर की खाद 4 टन प्रति एकड़ या मुर्गी की खाद 1 टन प्रति एकड़ खेत में मिला दें। प्रशिक्षण उन्हें पशुपालन विभाग की बकरी पालन (10 बकरी + 1 बकरा) योजना के बारे में भी बताया गया साथ ही उन्हें स्टीविया की खेती के बारे में समझाया गया। प्रशिक्षण के बाद रिलायंस फाउण्डेशन के संतोष कुमार सिंह ने भी कृषकों को उन्नत तकनीक अपनाकर अपनी आय में बढ़ोत्तरी करें साथ ही उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र से धान की उन्नत किस्म एम.टी.यू 1010 कृषकों के प्रदर्शन हेतु 50 कि.ग्रा. बीज खरीदा गया।

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