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IIL फाउंडेशन ने बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया आयोजन

इंसेक्टिसाइड्स इंडिया लिमिटेड कंपनी ने बिहार के पटना में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के कृषि विशेषज्ञों द्वारा कृषि क्षेत्र में स्प्रे तकनीक और सुरक्षा उपायों जैसे विभिन्न पहलुओं पर क्षेत्र के किसानों को जानकारी और प्रशिक्षण दिलवाया। कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी से जुड़ी समस्याओं की जानकारी और पैदावार बढ़ने आदि की जानकारी दी गई।

कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश अग्रवाल ने कहा कि "आज किसान अपनी पैदावार में सुधार के नए तरीकों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन उनके पास इससे संबंधित जानकारी का अभाव है।  उन्हें बाजार में उपलब्ध विभिन्न उर्वरकों की तकनीक और उन्हें प्रयोग करते समय बरती जाने वाली सुरक्षा संबंधी बातों की जानकारी नही है।  इसलिए केवीके के कृषि विभाग के विशेषज्ञों को लेकर आए हैं,  जिन्होंने किसानों को बताया कि वे सुरक्षा और छिड़काव तकनीक के लिए क्या कर सकते हैं। साथ ही उन्हें मिट्टी की उपजाऊ क्षमता के महत्व के बारे में बताया गया जिससे वे अपनी पैदावार में सुधार कर उसे बढ़ा सकते हैं। उन्हें धान और आलू जैसी फसलों के लिए सर्वोत्तम कृषि पद्धतियों के बारे में भी जानकारी दी गई। हम किसान जागरुकता अभियान के तहत किसान समुदाय के लिए 2007 में आईआईएल फाउंडेशन के तहत शुरू किए गए कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। हमें खुशी है कि आज इसके लिए इतने सारे किसान आगे आए और इस कार्यक्रम में भाग लिया।''

आईजीएसी प्‍लानेटोरियम में पूरे दिन तक चले लंबे सत्र वाले इस कार्यक्रम में राज्य भर से आये 300 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईएल के प्रबंध निदेशक राजेश अग्रवाल और संयुक्त निदेशक कृषि, कृषि विभाग  प्रभात कुमार द्वारा किया गया। ये कार्यक्रम कंपनी के सीएसआर विंग द्रारा आयोजित कराया गया था।

इंसेक्टिसाइड इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक एम के सिंघल ने कहा, "कृषि विशेषज्ञ और आईआईएल फाउंडेशन के साथ काम करने वाले वैज्ञानिक, किसानों को प्रगतिशील खेती के प्रशिक्षण की पेशकश करते हैं, साथ ही मिट्टी की उर्वरता प्रबंधन और कृषि रसायनों के बेहतर उपयोग करने के तरीकों की जानकारी भी उन्हें प्रदान करते हैं।''



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