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जानें, प्याज के दाम आसमान क्यों छू रहे हैं?

सचिन कुमार
सचिन कुमार

प्याज की कीमत

प्याज के दाम लगातार आसमान दाम छू रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक, अभी इसमें राहत मिलने के आसार नहीं हैं. अभी  प्याज की कीमतों में तेजी का यह सिलसिला जारी रहेगा और लगातार इससे आम जनता मुहाल होते रहेंगे. खुदरा बाजार में अभी प्याज के दाम 50 रूपए किलो है. वहीं, मंडियों में अभी-भी प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं.

देश के सबसे बड़ी प्याज मंडी में इसका थोक रेट 1,000 से  लेकर 28,00 तक क्विंटल तक रहा है, जबकि पिछले मार्च माह में इसका दाम 1,450 रूपए था. वहीं, महाराष्ट्र के लोदन मंडी में प्याज के दाम 3600 रूपए पर बरकरार रहा. पंढरपूर में भी प्याज के दाम 3400 रूपए रहा था. ऐसे में माना जा रहा है कि प्याज के दाम में यह तेजी बरकरार रहेगी. फिलहाल, प्याज की इन बढ़ती कीमतों पर कब तक ब्रेक लग पाएगा  यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन उससे पहले हम आपको बताते चले कि मंडी के कारोबारी संगठन प्याज की इन बढ़ती कीमतों पर क्या कहते हैं.

यहां हम आपको बताते चले कि महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक संगठन के अध्यक्ष दिघोले ने बताया कि अभी प्याज की कीमतों में तेजी का यह सिलसिला जारी रहेगा, चूंकि पिछले साल के मुकाबले इस साल मंडी में प्याज की आवक कम हुई है, जिसके चलते  प्याज की कीमतों में  तेजी का सिलसिला शुरू हो चुका है.

क्यों हुई फसलों की आवक कम

वहीं फसलों की आवक क्यों हुई कम? इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए दिघोले कहते हैं कि इस साल बेमोसम बारिश की वजह से काफी मात्रा में फसल बर्बाद हुई है, जिसके चलते मंडी में पर्याप्त मात्रा में  फसलों की आवक नहीं हो पाई है, नतीजतन, प्याज की कीमतों में लगातार वृद्धि की यह कड़ी जारी है.

दिघोले बताते हैं कि आमतौर पर 1 एकड़ में 120 क्विंटल प्याज पैदा होता है, लेकिन इस वर्ष बेमौसम बारिश की वजह से तकरीबन 45 क्विंटल प्याज बर्बाद हो गई, जिससे चलते काफी मात्रा में प्याज को फेंक दिया गया और किसानों को आर्थिक रूप से बहुत नुकसान हुआ, लिहाजा अब इन प्याज की कीमत में  गिरावट दर्ज की जा रही है.

आखिर कितनी हुई बारिश

वहीं, अब सवाल है कि आखिर कितनी बारिश हुई है, जिसके चलते इतनी अत्याधिक मात्रा में प्याज की फसलें बर्बाद हुई है. दिघोले के मुताबिक, महाराष्ट्र के नासिक, अहमदानगर व शोलपुर जिले में प्याज की सबसे ज्यादा खेती होती है, लेकिन इस वर्ष भारी बारिश ने किसानों की पूरी योजनाओं को ही बिगाड़ कर रख दिया है. दिघोले के मुताबिक, 7, 8, 9 और 10 जनवरी को अत्याधिक मात्रा में बारिश हुई थी, जिसके चलते किसानों को फसल बर्बाद हो गई.  खैर, अब तक प्याज की कीमतों में नरमी आती है. यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा.

 

English Summary: Hike in the Price of Onion (1)

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