केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बहुत सी योजनाएं चला रखी है जो किसानों को फायदा पहुंचा रही हैं. इसी क्रम में कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग बीज ग्राम कार्यक्रम के माध्यम से निजी क्षेत्र में बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के अलावा गुणवत्ता पूर्ण बीजों के उत्पादन व आपूर्ति के उद्देश्य से किसान कल्याण योजना ‘बीज और पौध रोपण सामग्री पर उप मिशन’ लागू कर रहा है.
योजना के अंतर्गत 2014-15 से 2020-21 तक की प्रमुख उपलब्धियां
बीज ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत, 4.29 लाख बीज ग्राम तैयार किए गए हैं, जहां 170.86 लाख किसानों को रियायती दरों पर 38.01 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं. इसके अलावा, किसानों को स्थानीय स्तर पर दालों, तिलहन, चारा और हरित खाद फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने और खुद गांवों के लिए जरूरी प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के लिए 2.61 लाख किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी दरों पर 1.05 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं.
वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू व कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के पर्वतीय/ दुर्गम क्षेत्रों को सस्ते मूल्य पर समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 10.37 लाख क्विंटल बीजों की आपूर्ति के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है.
इसके अलावा, देश में कुपोषण से आजादी के क्रम में, विभिन्न फसलों (धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, मसूर, सरसों, सोयाबीन, फूलगोभी, शकरकंद और अनार) की 71 जैव-सक्षम प्रजातियां विकसित की गई हैं. वहीं देश में किसानों को बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से बहुलीकरण के लिए राज्यों को जैव-सक्षम प्रजातियों के प्रजनक बीज आवंटित किए गए हैं.
इसके अलावा, पीपीवीएफआर प्राधिकरण ने नई प्रजातियों के रूप में पंजीकरण के लिए 78 फसली प्रजातियां अधिसूचित की हैं, जिससे किसानों को बीजों की ज्यादा प्रजातियों और पौधा रोपण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. वहीं, डीएसीएंडएफडब्ल्यू ने किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज और पौधा रोपण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न फसलों की 1,405 प्रजातियां अधिसूचित की हैं.
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