पंतनगर में मिली किसानों को मत्स्यपालन की जानकारी, संपूर्ण जानकारी से किसान हुए लाभान्वित

किसान भाइयों पंतनगर विश्वविद्दालय के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय द्वारा बिहार राज्य के पूर्वी चम्पारण जिले के 30 प्रगतिशील मत्स्य पालकों हेतु ‘मत्स्य पालन, बीज उत्पादन एवं प्रसंस्करण’ विषय पर एक दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक, डा. आई.जे. सिंह, अधिष्ठाता मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय तथा सह-समन्वयक, डा. आशुतोष मिश्रा, सहायक प्राध्यापक, थे। जाहिर है कि मत्स्य पालन आज के दौर में छोटे किसानों के लिए व्यावसायिक विकल्प के रूप में उभर रहा है। जिसके चलते किसानों को समय-समय पर कृषि विश्वविद्दालयों द्वारा बेहतर जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

इस दौरान प्रशिक्षण के विषय को ध्यान में रखते हुए, प्रशिक्षार्थियों को विभिन्न विषयों जैसे- मत्स्य पालन हेतु भूमि का चयन एवं पंतनगर निर्माण, तालाबों की जलीय गुणवत्ता, मत्स्य प्रक्षेत्र प्रबन्धन, संग्रथित मत्स्य पालन, समन्वित मत्स्य पालन, पंगस पालन, वायुश्वासी मछलियों का पालन, झींगा पालन, अच्छी गुणवत्ता के मत्स्य बीज की जानकारी दी गई। साथ ही इनके उत्पादन, मत्स्य पालन हेतु पूरक आहार, मछली की बीमारियां एवं रोकथाम, शोभाकारी मछलियों का पालन, मछली के मूल्यवर्द्धित उत्पाद बनाना, इत्यादि पर नवीनतम एवं मौलिक जानकारी दी गई तथा प्रयोगात्मक कार्य भी करवाए गए। विश्वविद्दालय की विभिन्न शोध गतिविधियों की जानकारी हेतु मत्स्य पालकों को विभिन्न शोध केन्द्रों का भ्रमण कराया गया। साथ ही ठण्डे जल में मछली पालन की जानकारी हेतु विभिन्न झीलों का भ्रमण कराया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षार्थियों ने कहा कि प्रशिक्षण के विषय बहुत ही महत्वपूर्ण थे। जिसके अन्तर्गत उन्हें मछली पालन से सम्बन्धित कई नयी जानकारियां प्राप्त हुई जिन्हें किसान अपनाएंगे जिससे उनका मत्स्य उत्पादन काफी बढ़ सकेगा।

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