यहां के किसानों को मिल रहा कृषि यंत्रों पर इतना अनुदान, आप भी उठाइए फायदा...

बहराइच: वर्तमान समय में कृषि कार्य को समय पर पूरा करने व कम क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए कृषि का यंत्रीकरण बहुत जरूरी है। विज्ञान व प्रौद्योगिकी के सिद्धांतों को खेती में अपनाकर मानवश्रम की आवश्यकता को कम तो किया ही जा सकता है। समय पर सारे कृषि कार्य भी संपन्न किए जा सकते है। ऐसे समय में जब कृषि कार्य के लिए मजदूरों की उपलब्धता कम होती जा रही है। कृषि यंत्रों को होना किसान की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा कृषि विभाग के माध्यम से खेती किसानी के लिए काम आने वाले कृषि यंत्रों को 20 से 50 फीसदी तक अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि आप भी किसान है और कृषि यंत्र खरीदना चाहते है तो इसके लिए कृषि विभाग की वेबसाइट पर आनलाइन पंजीकरण कराकर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते है।

किन यंत्रों पर दिया जा रहा है अनुदान

विभाग द्वारा विभिन्न कृषि यंत्रों जैसे ड्रम सीडर, स्ट्रा-रीपर, सीड ड्रिल, मल्टी क्राप थ्रेसर, लेजर लैंड लेवलर, रोटावेटर, रीपर कम बाइंडर, मल्टी क्राप प्लांटर, सोलर इरीगेशन पंप, पंप सेट आदि कृषि यंत्रों पर अनुसूचित जाति, जनजाति, लघु व सीमांत किसान व महिला किसान को अधिकतम 50 फीसद अनुदान व सामान्य किसानों को 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सोलर इरीगेशन पंप दो व तीन एचपी पर 70 प्रतिशत अनुदान व पांच एचपी पर 40 प्रतिशत अनुदान देय है।

ये है अनुदान मिलने की प्रक्रिया

संबंधित कृषि यंत्र के लिए आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद लाभार्थी का चयन आनलाइन ही किया जाता है। चयन होने के बाद इसका संदेश एसएमएस के माध्यम से किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। चयन पत्र किसान वेबसाइट से डाउनलोड भी कर सकते है। इसके बाद 30 दिनों की समयावधि में कृषि यंत्र बाजार से खरीदकर उसका बिल आनलाइन अपलोड करना होता है। विभागीय अधिकारियों द्वारा स्थलीय सत्यापन के बाद अनुदान 10 दिनों में बैंक खाते में भेज दिया जाता है।

बोले अधिकारी

कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए जानकारी ब्लॉकों में स्थित राजकीय बीज भंडारों पर, जिला कृषि कार्यालय, उप निदेशक कृषि कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा किसान कृषि विभाग की वेबसाइट यूपीएग्रीकल्चर डाट कॉम से भी प्राप्त कर सकते है। इसके अलावा उपनिदेशक कृषि मोबाइल नंबर 7905699045 पर भी संपर्क कर सकते है।

डॉ. आरके ¨सह, उपनिदेशक कृषि

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