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कोरोनो वायरस का असर जीरा के दामों पर भी पड़ा, ये है बड़ी वजह

सुधा पाल
सुधा पाल

जहां कोरोना वायरस की वजह से लोगों के जीवन में हाहाकार मचा हुआ है, वहीं इसका असर स्पाइस (spice commodity) कमोडिटी पर भी देखने को मिल रहा है. चीन में फैले इस वायरस से भारत और चीन के बीच होने वाले जीरा के व्यापार पर काफी गहरा प्रभाव पड़ा है. इसके साथ ही जीरा की कीमतों में भी भारी बदलाव देखने को मिला है.

आपको बता दें कि भारत का पड़ोसी देश चीन, भारतीय कृषि बाजार (Indian Agri-market) का एक अहम हिस्सा है. भारत से जीरा का सबसे बड़ा खरीददार चीन ही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक बाजार में जीरा की कीमतों (jeera prices) में अचानक गिरावट देखने को मिली. दामों में 1,500 प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी या यूँ भी कह सकते हैं कि एक महीने में 10 प्रतिशत के करीब यह गिरावट आयी है. रिपोर्ट्स की ही मानें तो मसाला कमोडिटी में अचानक गिरावट चीन में कोरोना वायरस (coronavirus) के प्रकोप की ही वजह से हुई है.

स्पाइस कमोडिटी पर अचानक मंदी

बिज़नेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में जीरा की कीमतें (cumin seeds price) ऊंझा बाजार (Unjha markets) में लगभग 14,500-14,600 प्रति क्विंटल रहीं. वहीं ये कीमत 15 जनवरी को 16,062 दर्ज की गयीं थीं.

NCDEX पर मार्च कॉन्ट्रैक्ट के लिए कीमत 13,830 प्रति क्विंटल पर, चार साल के निचले स्तर के करीब पहुंच गईं, जो कि 2016 में 13,060 प्रति क्विंटल पर रिकॉर्ड की गयीं थीं.

भारत के सबसे बड़े मसालों के निर्यातकों में से एक  Jabs International के निदेशक  शैलेश शाह ने बताया कि उत्पादन बढ़ने की वजह से यह उम्मीद थी कि चीन को लगभग 50,000 टन उत्पाद बेचा जाएगा. ऐसा भी माना जा रहा था कि चीनी मार्किट की मांग में भी बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है. वहीं कोरोनो वायरस निश्चित रूप से मांग में कमी का कारण बना हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि आमतौर पर, चीनी अपने आदेश की गुणवत्ता को चुनने और उसके वेरिफ़िकेशन के लिए व्यक्तिगत रूप से भारत आते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं हो पा रहा है. यात्रा प्रतिबंध और वायरस की आशंका के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है.

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English Summary: cumin seed prices get affected by coronavirus as per the commodity news reports

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