दुग्ध उद्योग,पशु-पालन, मतस्य को बढ़ावा के लिए ब्रिटेन और आयरलैंड से समझौता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और ब्रिटेन तथा उत्तरी आयरलैंड के बीच पशु-पालन, डेयरी उद्योग और मतस्य-पालन के क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दे दी है. इस समझौते पर इस इसी साल अप्रैल में हस्ताक्षर किए गए थे. इस समझौते का मकसद भारतीय मवेशियों और मतस्य-पालन का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से पशु-पालन, डेयरी उद्योग और मतस्य-पालन के क्षेत्रों में अंतराष्ट्रीय सहयोग विकसित करना है. इस साझेदारी से घरेलू उद्योग और निर्यात के लिए डेयरी, मतस्य-पालन और पशु उत्पादों को बढ़ाकर मवेशियों के स्वास्थ्य उनके पालन-पोषण और मतस्य-पालन के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद है. समझौता ज्ञापन पशु-पालन, मतस्य-पालन और डेयरी उद्योग पर निम्नलिखित के जरिए परामर्श और सहयोग को बढ़ावा देगा.

1. पशु-पालन,मत्सय पालन और संबंधित मामलों में आपसी हित से जुड़े मामले.

2. मवेशियों के स्वास्थ्य और पशु-पालन,पालन-पोषण,डेयरी और मतस्य-पालन में सहयोग.

3. मवेशियों की उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाने के लिए कमी वाले क्षेत्रों में भोजन और चारे को पोषण की दृष्टि से समृद्ध बनाने और उसकी बड़ी मात्रा में ढ़ुलाई का प्रबंधन और व्यवस्था मवेशियों, पशु-पालन और पशु उत्पादों के व्यापार से जुड़े मामलों में स्वच्छता.

4. पशुओं के चारे की फसलों के साथ उच्च तकनीक वाले चारे के पेड़ों की प्रजातियों की नर्सरियां विकसित करना और सूखे वाले क्षेत्रों में नमी वाली मिट्टी के संरक्षण सहित एकीकृत कृषि प्रणाली के अंतर्गत चारे वाले पेड़ों की प्रजातियों के पौधा-रोपण के लिए कृषि वनों को बढ़ावा अध्ययन, दौरों/परसपर सहमति वाले क्षेत्रों में परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों के आदान-प्रदान के क्षेत्र सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के इस्तेमाल सहित नवोनमेश कृषि विस्तार दृष्टिकोण के संबंध में विभिन्न विषयों की जानकारी के लिए संयुक्त अनुसंधान के लिए सहयोग संयुक्त हित वाला अन्य कोई मुद्दा.

5. प्रत्येक पक्ष के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक संयुक्त कार्य दल गठित किया जा सकता है ताकि संयुक्त कार्यक्रम बनाये जा सकें और सहयोग तथा विचार-विमर्श किया जा सके.

बता दें की पशुपालन, डेयरी और मतस्य पालन के क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर भारत और ब्रिटेन तथा उत्तरी आयरलैंड के बीच अप्रैल 2018 में हस्ताक्षर किए गये थे. भारत की ओर से कृषि और कृषि कल्याण मंत्रालय में पशु-पालन,डेयरी और मतस्य-पालन विभाग के प्रतिनिधियों और ब्रिटेन तथा उत्तरी आयरलैंड की ओर से पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए.

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