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महाराष्ट्र से सोयाबीन खली खरीदने का इच्छुक चीन

भारत देश में चीनी सामान की खपत और हर जगह पर उसकी उपलब्धता बड़ी आसानी से देखने को मिल जाती है. विश्व व्यापार में चीनी सामान सभी देशों में आसानी से मिल जाता है. क्या कभी आपने सोचा की चीन भी कुछ न कुछ कहीं से खरीदता ही होगा.

भारत देश में चीनी सामान की खपत और हर जगह पर उसकी उपलब्धता बड़ी आसानी से देखने को मिल जाती है. विश्व व्यापार में चीनी सामान सभी देशों में आसानी से मिल जाता है. क्या कभी आपने सोचा की चीन भी कुछ न कुछ कहीं से खरीदता ही होगा.

लीजिये एक अच्छी खबर की चीन ने भारत से सोयाबीन खली आयात करने की इच्छा जताई है. महारष्ट्र में सोयाबीन के किसानो के लिए यह खुशखबरी है की अब महारष्ट्र के किसानो को सोयाबीन के निर्यात का लाभ मिल सकेगा.

चीन ने महाराष्ट्र से सोयाबीन खली खरीदने की इच्छा जाहिर की है। इसका निर्यात बढ़ने से किसानों को उनकी फसल की बेहतर कीमत मिल सकती है। चीन के महावाणिज्य दूत तांग गोचई ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और कहा कि चीन महाराष्ट्र से कृषि उत्पादों का आयात करने और कृषि क्षेत्र में निवेश करने पर भी विचार कर रहा है।

सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र पहले ही 10 प्रतिशत निर्यात संवर्धन प्रोत्साहन (सब्सिडी) की घोषणा कर चुका है। फडणवीस ने कहा कि यह निश्चित रूप से सोयाबीन उत्पादकों को अच्छी कमाई करने में मदद करेगा क्योंकि निर्यात से घरेलू बाजार में भी इसकी मांग बढ़ेगी।

सोयाबीन खली एक मोटा दानेदार पदार्थ है, जो भौतिक प्रक्रियाओं और कई बार निष्कर्षण के बाद सोयाबीन बीज से उत्पादित होता है। राज्य के कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने से कहा कि सोयाबीन बाजार बढ़ने से किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा, एक क्विंटल सोयाबीन से 18 किलो तेल और 82 किलो खली निकलती है। इस कारण किसानों के लिये खली की कीमत तेल से ज्यादा है।

फडणवीस ने कहा कि इस मुद्दे पर चीन से बातचीत को आगे बढ़ाने के लिये अलग से एक अधिकारी तैनात किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने भी सोयाबीन, कच्चा पाम तेल और परिष्कृत पाम तेल सहित विभिन्न तेल को आयात शुल्क बढ़ा दिया है। इससे भी स्थानीय किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यदि सोयाबीन बाजार में तेजी जारी रहती है तो इससे किसानों को बेहतर आय में मदद मिल सकती है।

हमेशा होता हैं कि हम चीन में बने सामान को खरीदते हैं लेकिन अब चीन ने महाराष्ट्र से सोयाबीन खली खरीदने की इच्छा जाहिर की है।

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गौरतलब है कि चीन दुनियाभर में सोयाबीन का सबसे बड़ा आयातक है और वह अपनी जरूरत का ज्यादातर सोयाबीन अमेरिका से खरीदता है। लेकिन अमेरिका और चीन के बीच छिड़े व्यापार युद्ध की वजह से चीन अमेरिकी सोयाबीन पर निर्भरता कम करना चाहता है और वह अब भारत से सोयाबीन खरीदने की योजना बना रहा है। हालांकि चीन जितनी सोयाबीन का आयात करता है भारत में उतना उत्पादन भी नहीं होता है। भारत में सालाना औसतन उत्पादन 100 लाख टन के करीब रहता है जबकि चीन साल भर में लगभग 750-800 लाख टन सोयाबीन का आयात करता है।

चीन महाराष्ट्र से कृषि उत्पादों का आयात करने और कृषि क्षेत्र में निवेश करने पर भी विचार कर रहा है।

 

चंद्र मोहन

कृषि जागरण

English Summary: China wants to buy soya bean Khali from China Published on: 15 September 2018, 12:34 AM IST

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