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किसानों का अपमान है यह बजट... कैसे ?

मोदी सरकार ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया. बजट को अरुण जेटली की जगह वित्त मंत्रालय संभाल रहे पीयूष गोयल ने पेश किया. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जहां अंतरिम बजट में सभी वर्गों के लोगों के लिए अहम घोषणाएं करने को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं विपक्ष दलों बजट को भाजपा का चुनावी घोषणा पत्र करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

विवेक कुमार राय

मोदी सरकार ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया. बजट को अरुण जेटली की जगह वित्त मंत्रालय संभाल रहे पीयूष गोयल ने पेश किया. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जहां अंतरिम बजट में सभी वर्गों के लोगों के लिए अहम घोषणाएं करने को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं विपक्षी दलों के नेताओं बजट को भाजपा का चुनावी घोषणा पत्र करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.आइए जानते है किसने क्या कहा-

यह बजट गरीब को शक्ति देगा, किसान को मज़बूती देगा, अर्थव्यवस्था को नया बल देगा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

यह भी पढ़ें - बजट में किसानों के साथ मजदूरों के भी अच्छे दिन

'प्रिय नरेंद्र मोदी जी, आपकी पांच वर्षों की अक्षमता और अहंकार ने हमारे किसानों के जीवन को बर्बाद कर दिया. उनको प्रतिदिन 17 रुपये देना हर उस चीज का अपमान है जिसके लिए किसान खड़े हैं और काम कर रहे हैं.' -राहुल गांधी

यह एक ऐतिहासिक बजट है, और समाज के सभी वर्गों को इससे लाभ होगा- केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह 

'मैं पूछना चाहता हूं कि इस बजट को वित्त विभाग के अधिकारियों ने बनाया है या फिर आरएसएस ने ? इस बजट में नरेंद्र मोदी ने किसानों को कॉटन कैंडी दी है. जब मैंने कर्जमाफी का ऐलान किया था तो पीएम मोदी ने इसे लॉलीपॉप कहकर मजाक उड़ाया था. बीजेपी के दोस्तों ने यह बजट तैयार किया है.' - मुख्यमंत्री कुमारस्वामी

हमने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. 2018-19 वित्तीय वर्ष में, मार्च से पहले महीनों के लिए, 2000 रुपये किसानों के खातों में स्थानांतरित किए जाएंगे, और वित्तीय वर्ष 2019-20 में किसानों को 6000 रुपये मिलेंगे - केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह

'सरकार का अन्तिम और चुनाव पूर्व अन्तरिम बजट जमीनी हकीकत और समस्याओं के समाधान से दूर एवं जुमलेबाजी वाला बजट है. '- मायावती

इस बजट में समाज के सभी वर्गों के किसानों, मध्यम वर्ग, गरीब और महिलाओं को प्राथमिकता दी गयी है. यह बजट एक 'न्यू इंडिया' के सपने को हासिल करने में मदद करेगा- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

भाजपा सरकार ने पिछले 5 सालों में 5-5 किलो करके खाद की बोरियों से जो निकाला है, अब उसी को वो 6 हज़ार रुपया बनाकर साल भर में वापस करना चाहती है. भाजपा ने ‘दाम बढ़ाकर व वज़न घटाकर’ दोहरी मार मारी है. अगले चुनाव में किसान ‘बोरी की चोरी करने वाली भाजपा’ का बोरिया-बिस्तर ही बाँध देंगे - अखिलेश यादव

 विवेक राय, कृषि जागरण 

English Summary: Budget 2019 is anti-farmer Published on: 02 February 2019, 04:53 PM IST

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