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एशिया डॉन बायोकेयर द्वारा किसानों के लिए जैविक व विष-मुक्त खेती पर प्रशिक्षण एवं प्रक्षेत्र भ्रमण आयोजित

कच्छ (भुज) में एशिया डॉन बायोकेयर ने बागवानी किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण व प्रक्षेत्र भ्रमण आयोजित किया. अनार, ड्रैगन फ्रूट और पपीता पर फोकस रहा. विशेषज्ञ प्रदीप कुमार सिंह ने रसायनों के अंधाधुंध उपयोग से बढ़ती लागत और स्वास्थ्य-पर्यावरणीय नुकसान पर चेताया.

KJ Staff
organic farming
कच्छ (भुज) में एशिया डॉन बायोकेयर ने बागवानी किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण

जैविक, प्राकृतिक एवं विष-मुक्त खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जैव आधारित आदान निर्माता कंपनी एशिया डॉन बायोकेयर (गुजरात) द्वारा कच्छ, भुज में बागवानी फसलों के किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं प्रक्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में विशेष रूप से अनार, ड्रैगन फ्रूट एवं पपीता जैसी प्रमुख बागवानी फसलों के उत्पादक किसानों ने भाग लिया.

प्रशिक्षण के दौरान अनार उत्पादन पर विशेष फोकस किया गया, क्योंकि बेहतर उत्पादन की चाह में किसान प्रायः अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग कर रहे हैं. कंपनी के महाप्रबंधक एवं कृषि विशेषज्ञ प्रदीप कुमार सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि रसायनों के अंधाधुंध उपयोग से न केवल उत्पादन लागत बढ़ती है, बल्कि मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को भी गंभीर क्षति पहुँचती है.

उन्होंने जैव आधारित आदानों के माध्यम से कम लागत में स्वस्थ, सुरक्षित एवं टिकाऊ उत्पादन प्राप्त करने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की.

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को खेत में ले जाकर अनार फसल में आने वाली विभिन्न समस्याओं एवं उनके विष-मुक्त समाधानों पर प्रत्यक्ष चर्चा की गई. साथ ही, यह भी समझाया गया कि सही समय पर, सही मात्रा में और सही विधि से जैव आधारित आदानों का प्रयोग करने से उत्पादन में सुधार के साथ-साथ धन का अपव्यय भी रोका जा सकता है.

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कंपनी एशिया डॉन बायोकेयर (गुजरात) द्वारा कच्छ, भुज में बागवानी फसलों के किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं प्रक्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर एशिया डॉन बायोकेयर द्वारा विकसित विष-मुक्त सूक्ष्मजीव आधारित आदानों के प्रयोग की विधि को प्रदीप कुमार सिंह ने स्वयं खड़ी फसल में प्रयोग करके किसानों को प्रदर्शित किया, जिससे किसानों में इन तकनीकों के प्रति विश्वास और रुचि बढ़ी.

प्रशिक्षण के उपरांत किसानों के लिए सहभोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें अधिकतम भोजन विष-मुक्त कृषि उत्पादों से तैयार करने का प्रयास किया गया.

कार्यक्रम के समापन सत्र में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए एशिया डॉन बायोकेयर की गुजरात प्रांत की विपणन प्रभारी चारूदत्त ने उपस्थित सभी किसानों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने किसानों से अपील की कि सभी मिलकर स्वस्थ फसल उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ें और यह विश्वास दिलाया कि किसानों की आवश्यकता के अनुसार कंपनी द्वारा निर्मित जैव आधारित आदान समय पर उपलब्ध कराए जाएंगे.

इस अवसर पर कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञ संजय वास्तव ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा है. उन्होंने कहा कि भविष्य में एशिया डॉन बायोकेयर देश के विभिन्न राज्यों में, विभिन्न फसलों के अनुरूप ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे वर्ष आयोजित करने की योजना बना रही है, ताकि अधिक से अधिक किसान विष-मुक्त एवं टिकाऊ खेती से जुड़ सकें.

English Summary: Asia Dawn Biocare organized training and field visits for farmers on organic and toxin free farming Published on: 28 January 2026, 05:30 PM IST

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