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CORONAVIRUS: सब्जी बाजार में आया बड़ा बदलाव, किसान हुए मजबूर!

सुधा पाल
सुधा पाल

इस समय दुनियाभर में कोरोना वायरस ही चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है, और हो भी क्यों न, यह वायरस अबतक कई लोगों की जान ले चुका है. लोगों को अपने घरों से बहार न जाने की सलाह भी दी गयी है. वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi) ने भी हाल ही में जनता से अपील की है कि आने वाले रविवार यानी 22 मार्च को लोग अपने घर से बहार न निकलें. साथ ही उन लोगों को प्रोत्साहित करें जिन्हें मजबूरन अपने काम के लिए आवाजाही करनी ही पड़ रही है. इससे इस बात का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात किस तरह के हैं. ऐसे में जहां लगभग हर क्षेत्र का कारोबार ठप पड़ा हुआ है, खेती और किसान भी इससे प्रभावित हुए हैं. वहीं कोरोना वायरस का यह प्रभाव इनपर कब तक रहेगा, इसके बारे में भी अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है.

किसानों की बात करें, तो उनके लिए यह वायरस काल बनकर आया है. जहां एक तरफ किसानों ने मौसम के तहत बारिश और ओलावृष्टि की मार झेली है, वहीं अब कोरोना वायरस ने अलग से उन्हें बेबस कर दिया है. मौसम में आए बदलाव से उनकी फसलें तो खराब हुई हीं, साथ ही जो फसल सुरक्षा (crop protection) हुई भी है, उसपर भी अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं. किसानों में (खासतौर पर लघु और सीमान्त किसान) यह एक बड़ा डर बैठ गया है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो उनका घर-परिवार कैसे चलेगा.

कोरोना वायरस अपडेट (coronavirus update) के तहत अबतक देश में लगभग 200 coronavirus केस मिले हैं. खबरों के मुताबिक यह कहा जा रहा है कि लोग घरों से बहार न निकलें, इसी में वे अपनी और दूसरों की भी सुरक्षा कर सकते हैं, इसी के चलते नॉएडा में धारा 144 में लागू कर दी गयी है. इसके तहत लोगों की भीड़ भी कम होगी.

इसी कड़ी में खबर यह भी आ रही है कि सब्जी और फल मंडी (fruit market) भी अस्थाई रूप से बंद कर दी जाएंगी. इससे कई किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखने को मिल रही हैं.   बाजार छोटा हो या बड़ा, सब्जी और फल खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं. ऐसे में वायरस फैलने की संभावना और भी बढ़ जाती है. यही वजह है कि किसान इस बात को लेकर गहरी चिंता में हैं कि अगर मंडी और छोटे स्तर पर लेगने वाले सब्जी व फल बाजार बंद हो जाएंगे तो वे अपना उत्पाद कहां लेकर जाएंगे. साथ ही उनकी सब्जियां कैसे बिकेंगी.

चिंता में हैं किसान

इसी सम्बन्ध में नॉएडा में सब्जी बेचने वाले किसान रामराज का कहना है, "सुनने में आ रहा है कि मंडी और सभी बाजार बंद हो जाएंगे. कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि दो-चार दिन में ही सब दुकानें उठ जाएंगी, कोई कुछ नहीं बेच पाएगा. अब ऐसा हुआ तो हमपर तो आफ़त आ जाएगी, घर में अकेला कमाने वाला हूं, कैसे काम चलेगा?"  

उत्पाद खराब होने का डर

"अगर मंडी नहीं लगी तो सब्जियां भी पड़ी रह जाएंगी क्योंकि कबतक ऐसा चले, यह भी किसी को नहीं पता. कई सब्जियों को अगर सही देखभाल न मिले तो बहुत जल्दी ख़राब होने लगती हैं." यह कहना है किसान जुगनू का जो मशरूम, शिमला मिर्च और बाकी सब्जियों के साथ हरी पत्तेदार सब्जियां भी बेचते हैं. 

कम कीमतों में फल और सब्जी बेचने को मजबूर

57 वर्षीय राजकिशोर का कहना है, "जो बैगन पिछले हफ्ते 60 रुपए किलो बेचे थे उसी को अब 40 रुपए किलो में बेच रहा हूं, मजबूरी है साहब और कुछ नहीं." आपको बता दें कि कोरोना के कहर से घबराए किसानों और सब्जी विक्रेताओं ने अपने उत्पाद के दाम भी घटा दिए हैं. उनका कहना है कि बाजार कब बंद हो जाए, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है. ऐसे में जो उत्पाद हैं, उन्हें समय रहते ही बेचकर खत्म करना ज़रूरी हो चुका है. इसलिए उन्होंने सब्जियों की कीमतों को भी कम कर दिया है जिससे ज्यादा से ज्यादा बिक्री हो सके.

English Summary: agriculture farmers forced to sell their production in lower prices due to coronavirus

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