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Pm kisan तहत किसानों को दिए गए 71,000 करोड़ रुपए, मनरेगा बजट का 66 प्रतिशत कृषि कार्य पर खर्च

मोदी सरकार के मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को  बताया कि कोरोना वायरस के चलते प्रभावी तालाबंदी के दौरान सरकार किसानों की हर संभव मदद कर रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने पत्रकारों से संवाद करते हुए बताया कि अकेले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान)  योजना के तहत  24 मार्च से 27 अप्रैल तक किसानों के खातों में 17,986 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि जब से इस योजना की शुरुआत हुई है, तब से लगभग 9.39 करोड़ किसान परिवार को  71,000 करोड़ रुपये से इस योजना का लाभ पहुंचाया जा चुका है. इससे पहले किसी भी सरकार ने किसानों के लिए ऐसा कोई काम नहीं किया है और न ही इतनी रकम किसान सहायता के लिए दी है.

जीडीपी बढ़ाने में कृषि का बड़ा योगदान

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि गांवों के समग्र विकास के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय देश में है. जो लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं उनके लिए हमेशा कुछ न कुछ किया जाता है. उन्होंने कहा कि  मनरेगा योजना के अंतर्गत देश में लगभग 12 करोड़ जॉब कार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित किए गए हैं. इसी मनरेगा योजना के लिए आगामी मई, जून के लिए 20 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दे दी गई है. मनरेगा में जिन लोगों की राशि पहले बकाया थी उसे अप्रैल के पहले सप्ताह में ही भेज दी गई थी जिससे इन लोगों पर लॉकडाउन का ज्यादा असर न पड़े. 

उन्होंने कहा कि एक करोड़ 70 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हो चुके हैं. आगे के कार्यों के लिए 33 हजार करोड़ रुपए की सैद्धान्तिक स्वीकृति भी राज्यों को भी दे दी गई है  जिससे अब राज्यों को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. बता दें कि मनरेगा के तय 264 कार्यों में से 162 कार्य कृषि से संबंधित हैं जिस पर मनरेगा के पूरे बजट का 66 प्रतिशत खर्च किया जाता हैं.

English Summary: 71,000 crores given to farmers under Pm kisan 66 percent of MNREGA budget spent on agricultural work

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