Medicinal Crops

लेमन ग्रास है बेस्ट स्टार्ट-अप !

भारत में कृषि क्षेत्र अब व्यवसाय का एक प्रमुख स्त्रोत बन गया है। कृषि से जुड़ी छोटी से छोटी बात भी करोड़ों का मुनाफा दे रही है और इसीलिए बीते कुछ वर्षों में भारत की कईं कंपनियां इस क्षेत्र में आ गई हैं और लगातार निवेश कर रही हैं इस कारण कृषि क्षेत्र व्यवसाय करने का एक बड़ा बाज़ार बन गया  है। बीते सालों में इसी बाज़ार का एक महत्वपूर्ण उत्पाद बनकर उभरी है- लेमन ग्रास।

लेमन ग्रास यूं तो दिखने में साधारण जंगली घास की तरह ही लगती है परंतु बहुत कम लोग ही जानते हैं कि लेमन ग्रास मानव शरीर के लिए कितनी लाभदायक है और इसका बाज़ार कितना बड़ा और व्यापक है। लेमन ग्रास का सबसे अधिक प्रयोग चाय के रुप में किया जाता है और प्रयोग करने वाले इसे अपने अपने तरीके से प्रयोग में लाते हैं.

दूध वाली चाय का विकल्प

लेमन ग्रास यूं तो कईं प्रकार से काम में आती है परंतु चाय एक ऐसी आदत है जिसमें हम प्रतिदिन सुबह और शाम लेमन ग्रास का उपयोग कर सकते हैं. दूध वाली चाय पीने की संस्कृति भारत में जहां से भी आई हो परंतु यह पेट को किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं पहुंचाती बल्कि इसके विपरीत यह दूध वाली चाय अपच और गैस का प्रमुख कारण है.

क्या हैं फायदे

लेमन ग्रास एक जड़युक्त पौधा है. यह जितनी आसानी से लगाया जाता है उससे भी अधिक आसानी से यह बढ़ता है. लेमन ग्रास पौधे के विषय में सबसे विशेष बात यह है कि यह अकेला ऐसा घास पौधा है जो औषधियों का खज़ाना है और किसी नए स्टार्ट-अप के लिए उत्तम है. इसके कुछ प्रमुख प्रयोग इस प्रकार हैं- चाय के रुप में, दवा के रुप में, मसाले के रुप में और सबसे अधिक व्यवसाय के रुप में इसका उपयोग हो रहा है.

कैसे बनाएं इसकी चाय

आपको सर्दी,बुखार हो या फिर गले या बलगम की दिक्कत, लेमन ग्रास की चाय इन सभी बिमारियों को दूर करने का बेहतर ज़रिया है. इसकी चाय बनाना बेहद आसान है.

1. एक केतली में दो गिलास पानी डालें और उसे गर्म होने के लिए छोड़ दें.

2. अब इस पानी में लेमन ग्रास के पत्तों को तोड़कर डालें.

3. अब इसमें अदरक,नींबू और 10 से 15 कण चाय की पत्ती डालें.

4. इसके अलावा आप इसमें पुदिना भी डाल सकते हैं, इससे यह चाय और अधिक बेहतरीन और गुणकारी हो जाएगी.

कैसे करें स्टार्टअप शुरुआत

लेमन ग्रास स्टार्टअप के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि इसे उगाने में न तो कोई बड़ी राशि ही लगती है और न ही इसे बढ़ाने के लिए किसी प्रकार के कैमिकल की आवश्यकताएं होती हैं, आप इसका घर पर ही एक बड़ी मात्रा में उत्पादन कर सकते हैं और अपना स्टार्टअप कर सकते हैं.

गिरीश पांडे, कृषि जागरण



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