अगर आप भी होम गार्डनिंग करना पंसद करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरुरी है. ठंड के मौसम में अगेती सब्जियों की बुवाई करने से बेहतर अंकुरण और तेजी से बढ़वार मिलती है. सही बीज चयन और नियमित देखभाल से गमलों में उगी सब्जियां फरवरी के अंत से मार्च तक तुड़ाई योग्य हो जाती हैं, तो आइए जानिए कौन-सी सब्जी जनवरी में बुवाई के बाद मार्च में अच्छी पैदावार देगी.
1. धनिया पत्ता
धनिया ऐसी फसल है जिसे आप सालभर गमले में उगा सकते हैं. जनवरी में इसकी बुवाई के लिए बीज को हल्का सा मसलकर 8-10 घंटे पानी में भिगो दें. इसके बाद अच्छी जल निकास वाली मिट्टी में हल्का छिड़काव करें. 7-10 दिनों में पौधे निकलने लगते हैं और 20-25 दिनों में हरा धनिया तोड़ने लायक हो जाता है.
2. भिंडी
अगर आप गर्मियों में ताजी भिंडी खाना चाहते हैं, तो जनवरी में इसकी बुवाई सबसे सही समय है. बीज को रातभर पानी में भिगोकर 12-14 इंच के गमले में बोएं. लगभग 20-25 दिनों में पौधा तैयार हो जाता है और 45-50 दिनों में पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है.
3. लौकी/कद्दू
लौकी या कद्दू को छत पर उगाने के लिए कम से कम 15-20 लीटर क्षमता वाला गमला लें. बीज को 24 घंटे भिगोकर बोएं और बेल चढ़ाने के लिए जाली या सहारे की व्यवस्था करें. फरवरी से ही फल आने लगते हैं.
4. खीरा
गर्मी के दिनों में खीरे का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. जनवरी में खीरे की बुवाई करने से समय पर फसल मिल जाती है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां 5-6 घंटे धूप मिले. नियमित सिंचाई करें, 35-40 दिनों में खीरा तोड़ने योग्य हो जाता है.
5. करेला
करेला गमले में आसानी से उगाया जा सकता है. बीज बोने से पहले उसका ऊपरी हिस्सा हल्का सा काट दें, इससे अंकुरण जल्दी होता है. बेल को फैलने के लिए मजबूत जाली या रस्सी का सहारा दें. 45-50 दिनों में करेला मिलना शुरू हो जाता है.
गमले में सब्जी उगाते समय ये सावधानियां बरते
अगर आप जनवरी में सब्जियों की बुवाई करना सोच रहे हैं, तो ध्यान रखे कि रात के समय ओस गिरती है, जो बीज और छोटे पौधों को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए हो सकें तो रात के समय पौधों को बचा कर रखें. साथ ही जरूरत से ज्यादा पानी न दें, जलभराव से जड़ सड़ सकती है और पौधों में जैविक खाद और गोबर की खाद का ही उपयोग करें.
छत पर गार्डनिंग से कई फायदे
छत पर सब्जी उगाने से घर को ताजी, रसायन-मुक्त सब्जियां मिलती हैं. बच्चों और परिवार को पौष्टिक आहार मिलता है और पर्यावरण भी हरा-भरा रहता है. साथ ही, यह एक बेहतरीन शौक भी बन सकता है, जो मानसिक तनाव को कम करता है.
Share your comments