आज के किसान सिर्फ खेती पर ही निर्भर नही है वे खेती करने के साथ-साथ ऐसे व्यवसाय को अपना रहे हैं, जिसमें कम लागत में लाखों की कमाई कर रहे हैं और यह व्यवसाय बकरी पालन है, जिसके जरिए किसान भाई कम खर्च में बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं, क्योंकि मार्किट में बकरी के दूध के साथ उसके मांस की भी मांग बनी रहती है, तो चलिए इस लेख में जानें बकरी की कौन -सी नस्लों से होगी अधिक आमदनी.
बकरी की टॉप 3 नस्लें जिनके पालन से होगी लाखों की कमाई आइए जानें-
1.सिरोही बकरी
किसानों के लिए सिरोही बकरी मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है, क्योंकि इस नस्ल का वजन 5 महीने में 3 गुना बढ़ सकता है, जिससे यह मांस के लिए बेहतरीन और यह अन्य नस्लों के मुकाबले बहुत तेजी से विकसित होती है. ऐसे में अगर किसान इस बकरी का पालन करते हैं, तो वह 1 लीटर तक दूध के साथ अधिक मात्रा में मांस भी पा सकते हैं और डबल मुनाफा कमा सकते हैं.
2.जमुनापारी नस्ल
बकरी की इस नस्ल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान के क्षेत्रों के किसानों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. साथ ही यह नस्ल रोजाना लगभग 1.5 से 2.5 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है. इसलिए इस नस्ल को बकरियों की रानी कहां जाता है. अगर किसान इस नस्ल का चुनाव करते हैं, तो बाजार में इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं.
3.ब्लैक बंगाल बकरी
ब्लैक बंगाल बकरी (Black Bengal Goat) भारत और बांग्लादेश में पाई जाने वाली एक बहुत ही लोकप्रिय नस्ल है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका छोटा आकार और मजबूत शरीर होता है, जिससे इसे पालना आसान होता है. यह बकरी मुख्य रूप से काले रंग की होती है, हालांकि कुछ में भूरा या सफेद रंग भी देखा जा सकता है.
इस नस्ल की बकरी बहुत कम खाने में भी अच्छी तरह जीवित रह सकती है, इसलिए यह गरीब और छोटे किसानों के लिए काफी लाभदायक मानी जाती है. ब्लैक बंगाल बकरी का मांस (मीट) बहुत स्वादिष्ट और उच्च गुणवत्ता वाला होता है, जिसकी बाजार में काफी मांग रहती है. इसके अलावा, इसकी खाल भी अच्छी गुणवत्ता की होती है, जिसका उपयोग चमड़े के उत्पाद बनाने में किया जाता है. ब्लैक बंगाल बकरी रोगों के प्रति भी अपेक्षाकृत अधिक सहनशील होती है और स्थानीय जलवायु के अनुसार आसानी से ढल जाती है.
सरकारी मदद से आमदनी में होगा इजाफा
अगर आप ने बकरी पालन करने का विचार बना लिया है तो यह व्यवसाय आपके लिए मुनाफे का सौदा हो सकता है, क्योंकि बकरी पालन करने पर सरकार और पशुपालन विभाग की ओर से भारी अनुदान मुहैया कराया जाता है. ऐसे में यह बिजनेस युवाओं के लिए लाभाकारी हो सकता है. अगर किसान या युवा छोटा सा यूनिट भी लगाते हैं, तो लाखों का टर्नओवर कमा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह
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