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टॉप 3 देसी गायें, बढ़ती मांग के बीच किसानों के लिए बनेगी कमाई का जरिया, आइए जानें खासियत

Top 3 Cow Breeds: देश में जैविक खेती, प्राकृतिक दुग्ध उत्पादन और देसी नस्लों के संरक्षण पर जोर बढ़ने के साथ ही देसी गायों की मांग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में पशुपालक या किसान गाय की इन नस्लों जिनमें थारपारकर, गिर और देओनी गाय का पालन करते हैं, तो अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते हैं.

KJ Staff
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desi cow
टॉप 3 देसी गायें (Image Source- Freepik)

देश के किसान अब खेती करने के साथ-साथ वह दुग्ध उत्पादन की ओर भी बढ़ रहे हैं और ऐसे में देसी गायों की मांग लगातार बढ़ रही है. अगर किसान थारपारकर, गिर और देओनी जैसी नस्लों का पालन करते हैं, तो वह इन गायों से बेहतर गुणवत्ता का दूध के साथ-साथ कम खर्च में आसानी से पालन कर सकते हैं. इनमें मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्थानीय जलवायु के अनुरूप ढलने की क्षमता के कारण ये नस्लें छोटे और सीमांत किसानों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है.

1. थारपारकर गाय

थारपारकर गाय का मूल स्थान राजस्थान का थार मरुस्थल क्षेत्र है. यह नस्ल अत्यधिक गर्मी और कम वर्षा वाले इलाकों में भी आसानी से जीवित रह सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी उत्कृष्ट रोग प्रतिरोधक क्षमता है, जिससे पशु चिकित्सा पर खर्च कम आता है. पशुपालक अगर इस नस्ल का चुनाव करते हैं, तो वह इससे प्रतिदिन लगभग 15 से 18 लीटर दूध का उत्पादन पा सकते हैं. यही कारण है कि राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के किसान इस नस्ल को तेजी से अपना रहे हैं.

2. गिर गाय

गिर गाय भारत की सबसे लोकप्रिय देसी नस्लों में से एक है. इसका मूल स्थान गुजरात का गिर क्षेत्र है और यह दक्षिण काठियावाड़ में पायी जाती है. गिर प्रजाति की उत्पत्ति गुजरात के काठियावाड़, गिर जंगलों से होती है और इसे काठियावाड़ी, सुरती, अजमेरा, और रेंडा के नाम से भी जाना जाता है. यह नस्ल अपने A2 श्रेणी के दूध के लिए जानी जाती है.अगर किसान इस नस्ल का पालन करते हैं, तो वह औसतन 6 से 10 लीटर दूध प्रतिदिन पा सकते है.

3. देओनी गाय

देओनी गाय किसानों के लिए एक सही विकल्प है, जो दूध और खेती दोनों में उपयोगी है. साथ ही इस गाय की देसी नस्ल का विकास महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के सीमावर्ती क्षेत्रों में हुआ है. अगर किसान इस नस्ल का पालन करते हैं, तो वह दुग्ध उत्पादन और कृषि कार्य में फायदा पा सकते हैं, क्योंकि यह नस्ल मजबूत शरीर और सहनशक्ति के कारण खेती के कामों को भी आसानी से कर देती है.

वहीं, देओनी गाय प्रतिदिन 4 से 8 लीटर दूध देती है और सालाना 1500 लीटर दूध देने में सक्षम गाय है, जिससे किसानों की आमदनी में भी इजाफा हो सकता है.

English Summary: Top 3 cow breeds will be profitable for farmers and livestock breeders Published on: 02 January 2026, 04:39 IST

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