देश के किसान इस समय ऐसी फसल की तलाश में होगे जिनसे वह बेहतर मुनाफा कमा सकें. ऐसे में गन्ना उनके लिए एक अच्छा विकल्प है, जिसकी खेती कर किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं, क्योंकि गन्ने की बारह माह मांग बनी रहती है. इसकी वजह है गन्ने से बनने वाले उत्पादन जिनमें गुड़, चीनी आदि इस फसल की मांग बढ़ाते हैं. अगर किसान बसंत कालीन गन्ना की इन COJ 94141, COJ 86600, COJ 862081 टॉप 3 किस्मों की बुवाई करते हैं, तो 600 क्विंटल उपज पा सकते हैं.
बसंत कालीन गन्ने की टॉप 3 किस्में-
1. COJ 94141 गन्ना किस्म
गन्ने की यह किस्म किसानों के लिए मुनाफे का सौदा सबित हो सकती है, क्योंकि इस किस्म में लाल सड़न जैसी प्रमुख गन्ने की बीमारी के लिए प्रतिरोधी है, जिससे फसल सुरक्षित रहती है और किसानों को प्रति एकड़ में 320 क्विंटल तक पैदावार देने में सक्षम किस्म है. साथ ही इस किस्म की यह खासियत है कि इसकी पत्तियां आसानी से निकल जाती है, जिससे किसानों को इस किस्म की छिलाई करने में भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.
2. COJ 86600 गन्ने की उत्तम किस्म
उत्तरप्रदेश के किसानों के लिए गन्ने की यह किस्म अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. इसकी बुवाई करके किसान 400-600 क्विंटल तक की उपज पा सकते हैं. साथ ही यह मध्यम और देर से पकने वाली किस्मों की श्रेणी में आती है. इसकी अच्छी मांग के कारण किसानों को उचित दाम मिल जाते हैं.
3. COJ 862081 गन्ने की बेहतरीन किस्म
गन्ने की बुवाई साल में दो बार की जाती है और अब किसान भाइयों को तलाश है गन्ने की ऐसी किस्म का जो उन्हें अच्छी उपज दें. अगर किसान गन्ने की COJ 862081 इस किस्म का चुनाव करते हैं, तो वह इससे 400-600 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदावार पा सकते हैं और साथ ही गन्ने की यह किस्म अन्य किस्मों जैसे- COJ 94141 और COJ 86600 से अच्छी उपज देने में सक्षम किस्म है.
बसंत कालीन गन्ना क्यों खास?
गन्ने की खेती साल में दो दफा की जाती है. पहली शरद काल में और दूसरी दफा बसंत काल में इन दोनों काल में गन्ने की खेती की जाती है. ऐसे में गन्ने की बुवाई के लिए जो उचित समय होता है वह बसंत कालीन होता है. इस सीजन में गन्ना अच्छा अकुंरण करता है और जिससे किसानों को गन्ने की बढ़िया उपज मिल जाती है, जिससे किसानों को साल में अच्छी भी हो जाती है.
सही देखभाल से होगी तगड़ी कमाई
अगर किसान इन किस्मों की बसंत कालीन में बुवाई के बाद समय पर सिंचाई, निराई-गुड़ाई और खाद सही मात्रा में देते हैं, तो वह इन किस्मों से एक साल में 600 क्विंटल तक उत्पादन कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं और इन किस्मों के बाजारों में अच्छे दाम मिलने से किसान अपनी आर्थिक स्थिति में भी सुधार ला सकते हैं.
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