1. Home
  2. खेती-बाड़ी

खीरे की खेती से तगड़ी कमाई! 50 दिन में तैयार होने वाली टॉप 3 हाई-यील्ड किस्में

Top 3 Cucumber Varieties: फरवरी के महीनें में अगर किसान (ICAR) द्वारा विकसित खीरे की इन टॉप 3 किस्मों की बुवाई करते हैं, तो बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. आइए इस लेख में पढ़ें कौन-सी यह किस्में.

KJ Staff
cucumber
खीरे की टॉप 3 हाई-यील्ड किस्में (Image Source-AI generate)

किसान भाई अगर फरवरी के महीने में खीरे की इन पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा-6, पूसा लॉन्ग ग्रीन( डी.सी-83), पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा हाइब्रिड-1 टॉप 3 किस्मों की बुवाई करते हैं, तो तगड़ी आय अर्जित कर सकते हैं. यह किस्में (ICAR) भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित की गई है. अगर किसान भाई खीरे की इन उन्नत किस्मों का चुनाव करते हैं, तो वह कम समय में अच्छा उत्पादन करके मालामाल हो सकते हैं.

आगे जानें खीरे की इन टॉप 3 किस्मों से कितना मिलेगा उत्पादन-

पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा-6

किसान अगर पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा-6 की बुवाई करते हैं, तो वह 40-45 दिनों के भीतर पहली फसल पा सकते हैं. साथ ही खीरे की इस किस्म की साल में कई बार (जैसे चार बार) इसकी खेती की जा सकती है और इस किस्म से किसान औसत उपज 130.0 टन/हेक्टेयर की उपज प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा खीरे की यह किस्म गहरे हरे, चमकदार बेलनाकर की होती है, जिससे बाजार में इस किस्म की अच्छी बिक्री होती है और किसान इससे बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

पूसा लॉन्ग ग्रीन( डी.सी-83)

किसान भाई अगर फरवरी के माह में खीरे की इस किस्म की बुवाई करते हैं, तो वह इससे करीबन 18.0 टन/हेक्टेयर की उपज प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही खीरे की यह किस्म पंजाब, उत्तरप्रदेश, बिहार और झारखंड के किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, और अगर इसकी बेलें की बात करें, तो यह मजबूत होती हैं, इसके अलावा किसान 150-160 ग्राम तक औसतन वजन के फल प्राप्त कर सकते हैं. जिससे किसानों को बाजारों में इस किस्म से अच्छे दाम मिल सकते हैं और किसानों की आय में भी इजाफा हो सकता है.

पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा हाइब्रिड-1

पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा हाइब्रिड-1 यह खीरे की किस्म किसानों के लिए मुनाफे का सौदा सबित हो सकती है. अगर इस किस्म को पॉलीहाउस या नेट हाउस में ठंड के मौसम (ऑफ-सीजन) में उगाया जाए तो यह किस्म किसानों को बढ़िया उपज देने में सक्षम किस्म है. साथ ही इस किस्म से किसान 40-45 दिनों के भीतर पहली कटाई प्राप्त कर सकते हैं और 143.6 टन/हेक्टेयर तक उपज पा सकते हैं.

बीज, खाद, खरपतवार नियंत्रण जानें

  • जब बेल में फूल आना शुरु हो जाए तब खुराक के रुप में 1 प्रतिशत यूरिया के घोल का छिड़काव करें.

  • उसके बाद फूल आने की अवस्था में हर पांचवे दिन फसल सिंचाई करें.

  • इसके अलावा खरपतवार नियंत्रण के लिए दो बार निराई करें.

  • अगर आप ऐसे ही फसल का ध्यान रखते हैं, तो अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Top 3 high-yielding cucumber varieties and Farmer get big profits Published on: 19 January 2026, 04:59 PM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News