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महिन्द्रा ने डीवुल्फ समूह के साथ किया गठबंधन...

महिन्द्रा समूह के भाग महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड ने भारत में आलू के पौधारोपण संयंत्र के उत्पादन और विपणन के लिये डीवुल्फ समूह के साथ एक लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत महिन्द्रा भारतीय बाजार में आलू के पौधारोपण की तकनीक लाने के लिये डीवुल्फ समूह के साथ कार्य करेगा।

आलू विश्व की चौथी सबसे बड़ी खाद्य फसल है, और भारत इसका दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। प्रतिवर्ष भारत में 2 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर लगभग 40 मिलियन टन आलू की फसल होती है। आलू के प्रसंस्करण पर बढ़ते ध्यान के साथ अच्छी गुणवत्ता के आलू की मांग बढ़ना अपेक्षित है। इसके लिए भारतीय किसानों को आलू के पौधारोपण के लिये बेहतर मशीनों का उपयोग करना आवश्यक है। महिन्द्रा और डीवुल्फ का आलू पौधारोपक भारत के आलू किसानों को सही तरीके से फसल उगाने में सक्षम बनाएगा, ताकि अधिक फसल, कम लागत और अच्छी गुणवत्ता मिल सके। इससे खेत की उत्पादनशीलता बढ़ेगी और किसान की आय में भी वृद्धि होगी।

इस साझा करार टिप्पणी करते हुए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लि. के कृषि उपकरण सेक्टर के प्रेसिडेन्ट राजेश जेजुरिकर ने कहा, ‘‘हम बेल्जियम स्थित कृषि मशीनों के विश्व स्तरीय उत्पादक डीवुल्फ समूह के साथ भागीदारी की घोषणा कर प्रसन्न हैं। डीवुल्फ समूह के साथ हमारा लाइसेंसिंग समझौता हमें भारत के आलू किसानों के लिये पौधारोपण की नवीनतम तकनीक लाने की अनुमति देगा।’’

डीवुल्फ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेने बोईजेंगा ने कहा, ‘‘हम विश्व के दूसरे सबसे बड़े आलू के बाजार में अपने नवोन्मेषी उत्पाद और तकनीक प्रस्तुत करेंगे और हम भारत के अग्रणी कृषि उपकरण उत्पादक महिन्द्रा के साथ भागीदारी कर रोमांचित हैं। महिन्द्रा के हमारा भागीदार होने से हमें आशा है कि हम भारत में आलू की खेती की तकनीकों में परिवर्तन कर सकेंगे।’’ महिंद्रा और डीवुल्फ के इस गठबंधन से भारत के आलू उत्पादक किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा. पहला तो भारतीय किसानों को एक आधुनिक तकनीक मिलेगी और इससे किसानों की आय में भी इजाफा होगा. 

English Summary: Mahindra co-aligned with DeWolf Group ...

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