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देश में इस साल गेहूं उत्पादन 10 करोड़ टन होने की संभावना...

देश में इस साल रिकार्ड 10 करोड़ टन गेहूं की पैदावार होने की संभावना है, जबकि पिछले साल के मुकाबले गेहूं का रकबा इस साल 4.27 फीसदी कम है. करनाल स्थित गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडल्यूबीआर) के निदेशक जी. पी. सिंह ने फसली वर्ष 2017-18 (जुलाई-जून) के चालू रबी सीजन में गेहूं का उत्पादन 10 करोड़ टन होने की संभावना जताई है. हालांकि, पिछले माह 27 फरवरी को केंद्रीय कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी मौजूदा फसली वर्ष के दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान में 9.71 करोड़ टन गेहूं की पैदावार होने का आकलन किया गया है.

सिंह ने कहा, “इस साल गेहूं की फसल के लिए मौसम अनुकूल रहा और कीट के हमले से पीला रतुआ रोग की शिकायतें बहुत कम जगहों पर देखने को मिलीं। दाना भरने व पकने के समय अनुकूल तापमान होने से गेहूं की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है.” उधर, केंद्रीय कृषि सचिव सोभना पटनायक ने देश में इस साल गेहूं का उत्पादन पहले से ज्यादा होने की संभावना जताई है. पटनायक ने कहा,”पिछले साल देश में 9.85 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन हुआ था, लेकिन इस साल आईआईडब्ल्यूबीआर के वैज्ञानिक 10 करोड़ टन गेहूं उत्पादन के बारे में बता रहे हैं.”

सिंह ने बताया कि मौजूदा मार्च महीने में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस चल रहा है, जो गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है और बंपर पैदावार होने की संभावना है. आईआईडब्ल्यूबीआर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की नोडल एजेंसी है, जो देश में गेहूं और जौ पर अनुसंधान कार्य के लिए समर्पित है. सिंह ने बताया कि गेहूं की कटाई, गुजरात और मध्यप्रदेश में पहले ही शुरू हो चुकी है और अन्य जगहों पर भी आगे शुरू होने वाली है.

मालूम हो कि राजस्थान के भी कुछ इलाकों में गेहूं की कटाई पहले ही शुरू हो चुकी है. केंद्र व राज्य सरकारों की एजेंसियों ने राजस्थान और मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में गेहूं की नई फसल की खरीद भी शुरू कर दी है. पंजाब और हरियाणा में आमतौर पर एक अप्रैल से गेहूं की कटाई शुरू होती है. करनाल के तारावड़ी गांव के किसान मनोज मुंजाल ने इस साल 150 एकड़ में गेहूं की फसल लगाई है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस साल बंपर पैदावार की उम्मीद है.

केंद्र सरकार ने इस साल केंद्रीय कोटे के लिए 3.2 करोड़ टन गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य रखा है. पिछले साल सरकारी एजेंसी ने देशभर में 3.08 करोड़ टन गेहूं खरीदे थे. इस साल केंद्र सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2018-19 (अप्रैल-मार्च), जिसके दौरान फसली वर्ष 2017-18 में उत्पादित फसलों की खरीद व बिक्री होती है, के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1,735 रुपये प्रति कुंटल तय किया है. पिछले साल गेहूं का एमएसपी 1,625 रुपये प्रति कुंटल था.



English Summary: The country's wheat production is expected to be 100 million tonnes this year ...

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