देशभर के किसानों के लिए राहत की खबर सामने आ रही है. इस साल यानी 2026 के लिए गेहूं उपार्जन नीति के तहत सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ अतिरिक्त बोनस देने का ऐलान किया है. सरकार के इस फैसले से लाखों किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि को मजबूती मिलने के साथ किसानों की आय बढ़ोतरी हो सकती है.
किसानों को कितना लाभ होगा?
इस योजना के तहत गेहूं की खरीद MSP ₹2585 प्रति क्विंटल के आधार पर की जाएगी, जिसमें ₹40 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी शामिल होगा. इस तरह किसानों को कुल ₹2625 प्रति क्विंटल का भुगतान मिलेगा. यह निर्णय खासतौर पर उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है जो बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं. सरकार का यह कदम किसानों के लिए किसी राहत से कम नही.
खरीद की तिथियां और प्रमुख केंद्र
सरकारी घोषणा के अनुसार, गेहूं की खरीद प्रक्रिया अलग-अलग क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी. मध्य प्रदेश के प्रमुख संभागों- इंदौर, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम में खरीद 10 अप्रैल 2026 से शुरू होगी. वहीं राज्य के शेष सभी संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ की जाएगी.
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को समय पर अपनी फसल बेचने का अवसर मिले और खरीद केंद्रों पर भीड़भाड़ को नियंत्रित किया जा सके. प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके.
प्रशासन की क्या तैयारियां है?
राज्य सरकार ने खरीद केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. इसमें तौल मशीनों की उपलब्धता, गोदामों की व्यवस्था, परिवहन सुविधाएं और कर्मचारियों की तैनाती शामिल है. किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए हेल्पलाइन और शिकायत निवारण तंत्र भी सक्रिय किया जाएगा.
इसके अलावा, किसानों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी देने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है. मंडियों और खरीद केंद्रों पर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि किसान आसानी से प्रक्रिया को समझ सकें.
लेखक: रवीना सिंह
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