पीएम किसान योजना का लाभ देश के 9 करोड़ से अधिक किसान भाई उठा रहे हैं और ऐसे कई किसान भाई-बहन है जिन्होंने e-KYC की प्रक्रिया को अभी तक पूरा नहीं किया है और ऐसे में सरकार ने इस योजना को लेकर यह सख्त कदम उठा लिया है कि जिन किसानों की e-KYC पूरी नहीं होगी. उनकी 22वीं किस्त में रुकावट जैसी संभावना आ सकती है. यानी की उन किसानों को 2000 हजार रुपये की राशि का फायदा नहीं मिल पाएगा और वह इस सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे.
पीएम किसान योजना क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने फरवरी 2019 में की थीं. इस उद्देश्य के साथ की देश के किसानों की आर्थिक रुप से मदद हो जाए. साथ ही सरकार इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 हजार रुपये की सहायता प्रदान करती है. बता दें कि यह राशि किसानों के खाते में 2000 हजार रुपये की तीन किस्तों में किसानों के खाते में भेजी जाती है और करोड़ों किसानों को इस योजना की 21 किस्तों का फायदा मिल चुका है और अब किसानों को इंतजार है 22वीं किस्त का कब यह किस्त जारी होगी.
पीएम किसान योजना e-KYC कैसे करें?
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अगर आप किसान है और इस योजना के लाभार्थी है तो सबसे पहले आप PM किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाए.
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उसके बाद किसान भाई e-KYC ऑप्शन पर क्लिक करें.
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इसके बाद आगे आधार नंबर और कैप्चा डालकर Search करें.
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जब आप Search कर लेते हैं तो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर Get OTP चुनें और मोबाइल पर आया OTP दर्ज करें.
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इसके बाद जब आपका OTP वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद e-KYC पूरा हो जाएगा और आपके पास कन्फर्मेशन मैसेज मिल जाएगा.
22वीं किस्त कब जारी होगी?
पीएम किसान योजना की अब तक 21 किस्ते सरकार की ओर से जारी की जा चुकी है और इस किस्त का पैसा किसानों के खाते में 19 नवंबर 2025 में भेजा गया था. ऐसे में किसानों की चिंता ओर बढ़ती जा रही है कि समय भी पूरा हो गया है और सरकार की ओर से 22वीं किस्त को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है. कब 22वीं किस्त जारी का जाएगी. ऐसे में यह गुंजाइश की जा सकती है कि 22वीं किस्त का पैसा होली के बाद ही खाते में आने की पूरी संभावना है.
फर्जी लाभार्थियों पर कैसे लगी रोक?
पीएम किसान योजना का लाभ देश के ऐसे किसान भी उठा रहे थे, जिनकी सरकारी नौकरी और पेंशन भी आ रही थी. इसके अलावा, एक ही घर में दो लोग इस सरकारी योजना का लाभ उठा रहे थे. इन लोगों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने फार्मर आईडी बनवाना शुरु करवा दी, ताकि ऐसे फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सकें. इसके साथ ही आधार, बैंक अकाउंट और Farmer ID वेरिफिकेशन के जरिए डेटा खगांला जा रहा है, जिससे योजना का फायदा सिर्फ सही किसानों तक पहुंचे जो इस योजना के पात्र हो.
लेखक: रवीना सिंह
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