किसान भाइयों के लिए कल का दिन बेहद ही महत्वपूर्ण था, क्योंकि कल संसद के पटल पर केंद्रीय बजट 2026 पेश किया गया था, जिसमें कृषि से लेकर कई सरकारी योजनाओं का प्रस्ताव रखा. ऐसे ही नारियल की खेती करने वाले किसानों को कल के बजट में बड़ी सौंगात मिली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ‘नारियल प्रोत्साहन योजना’ (Coconut Promotion Scheme) का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य पुराने और कम उत्पादन देने वाले नारियल के पेड़ों को उन्नत किस्मों से बदलकर उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना है.
इसके अलावा, बिहार सरकार ने किसानों और शहरी लोगों के लिए एक आकर्षक योजना शुरू की है, जिसके तहत नारियल के पौधे मात्र ₹21 में उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
बजट 2026 में एग्री सेक्टर पर बड़ा फोकस
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में साफ-साफ यह कहां कि सरकार अब हाई वैल्यू पर अधिक फोकस कर रही है, ताकि किसानों को खेती में बड़ा मुनाफा मिल सकें और गावों में भी युवाओं को रोजगार ने नए अवसर मिले. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बजट 2026 में एग्री सेक्टर में 1,62,671 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. ऐसे में नारियल जैसी व्यावसायिक फसलों को बढ़ावा देकर सरकार किसानों को बाजारों से जोड़कर उनकी आय में बढ़ोतरी करने की दिशा में काम कर रही है.
क्यों खास है नारियल की खेती?
नारियल के पेड़ को दुनिया का सबसे उपयोगी पेड़ माना जाता है. इसका हर हिस्सा किसी न किसी रुप में काम आता है इस प्रकार-
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नारियल के फल से पानी, तेल की प्राप्ति होती है.
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इसका बाहरी हिस्सा जिसे खोल भी कहां जाता है इसका उपयोग ईधन और हस्तशिल्प में काम में आती है.
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साथ ही नारियल के पत्तों से लोग झाड़ू और छप्पर भी बनाते हैं, जिसकी वजह से बाजारों में नारियल की मांग बनी रहती है.
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इसके अलावा, नारियल की खेती से किसानों को इसके तने से लकड़ी की भी पूर्ति हो जाती है.
क्या है नारियल पौधा वितरण योजना?
उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार द्वारा नारियल पौधा वितरण योजना का कार्यक्रम तैयार किया गया है. यह एक नई योजना है, इस योजना की शुरुआत के पीछे का कारण है बिहार जैसे अपरंपरागत राज्यों में नारियल की खेती को बढ़ावा देना. इसके अलावा सरकार यह चाहती है कि किसान नारियल की खेती के साथ घर के आसपास भी नारियल के पौधों को लगाएं.
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
इस सरकारी योजना का लाभ सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के भी व्यक्ति उठा सकते हैं, लेकिन इन बातों का ख्याल रखें-
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जो लोग अपने घरों में या अपनी जमीन पर नारियल के पौधे लगाना चाहते हैं वह लोग भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.
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किसान भाई, बागवानी करने वाले शहरी लोग भी इस योजना के पात्र होंगे.
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साथ सरकार की ओर से इस योजना के तहत 5 पौधे से 712 पौधे लेने की अनुमति है.
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इसके अलावा, इस योजना को सरकार बिहार के 38 जिलों में लागू करेंगी.
₹21 में कैसे मिलेगा नारियल का पौधा?
सरकार ने नारियल के पौधे की इकाई लागत 85 रुपये तय की, जिसमें- उत्पादन खर्च ₹70 होगा और जिला परिवहन खर्च ₹15 जिस पर सरकार 75% सब्सिडी देगी, यानी ₹63.75 का अनुदान किसानों को प्राप्त होगा. इसी तरह किसानों को प्रति पौधा केवल ₹21.25 ही जमा करना होगा, जिससे किसान भाइयों को यह मुनाफा होगा की वह कम लागत में बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.
जरूरी दस्तावेज क्या होंगे?
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाने की सोच रहे हैं, तो नारियल पौधे अनुदानित दर पर लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे जो इस प्रकार है-
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जहां नारियल के पौधे लगाएं जाएगें, किसान के पास उस जमीन का एकरारनामा या रसीद होना बेहद ही जरुरी है. इसके बिना इस योजना का लाभ मिलेगा.
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वहीं, अगर भूमि-स्वामित्व रसीद में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं है, तो वंशावली अनिवार्य होगी.
किसानों को इस योजना से क्या लाभ होगा?
किसानों के लिए नारियल की खेती एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट मानी जाती है. एक बार पौधा लगने के बाद किसान इन पौधों से 5–6 साल में उत्पादन लें सकते हैं और साथ ही जिससे किसानों को 25–30 साल तक नियमित आमदनी होती रहती है.
लेखक: रवीना सिंह
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