भारत जब “मिशन 2047 - विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे समय में MIONP - Make India Organic, Natural & Profitable (मेक इंडिया ऑर्गेनिक, नेचुरल एंड प्रॉफिटेबल) का दूसरा संस्करण देश की कृषि व्यवस्था में बदलाव का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रहा है. यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन 16-17 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली स्थित NASC कॉम्प्लेक्स, ICAR में आयोजित किया जाएगा.
पहले संस्करण की सफलता के बाद, MIONP 2026 का उद्देश्य एक ऐसा सशक्त प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जहां नीति निर्माता, वैज्ञानिक, उद्योग जगत के नेता, स्टार्टअप्स, एफपीओ (FPOs) और किसान एक साथ आकर ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ठोस रणनीति तैयार करें. इस पहल का फोकस ऐसी कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना है जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हो, बल्कि किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित हो.
सस्टेनेबल कृषि की दिशा में राष्ट्रीय आंदोलन
MIONP केवल एक सम्मेलन नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसका लक्ष्य भारतीय कृषि को नई दिशा देना है. यह पहल पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए ऐसे मॉडल अपनाने पर ज़ोर देती है जो पर्यावरण के अनुकूल, कम लागत वाले और अधिक मुनाफा देने वाले हों.
इस पहल के तहत किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और बाज़ार से जोड़ने की कोशिश की जाएगी, जिससे वे अपनी आय में स्थायी वृद्धि कर सकें. साथ ही, यह कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
फील्ड से मॉडल तक: किसानों की सफलता की कहानियां
MIONP 2026 का एक प्रमुख आकर्षण किसानों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली वास्तविक सफलता की कहानियां होंगी. इसमें उन किसानों के अनुभव साझा किए जाएंगे जिन्होंने ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर न केवल अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाई, बल्कि अपनी आय में भी उल्लेखनीय सुधार किया.
इन कहानियों को वैज्ञानिक प्रमाण और तकनीकी सहयोग के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि इन्हें देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में आसानी से लागू किया जा सके. इसका उद्देश्य ऐसे स्केलेबल (Scalable) और रिप्लिकेबल (Replicable) मॉडल तैयार करना है, जिन्हें बड़े स्तर पर अपनाया जा सके.
B2B कनेक्ट के माध्यम से उद्योग को बढ़ावा
इस सम्मेलन में एक विशेष B2B कनेक्ट प्लेटफॉर्म भी शामिल होगा, जो उद्योग जगत के विभिन्न हितधारकों को आपस में जोड़ने का काम करेगा. इसमें शामिल होंगे:
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ऑर्गेनिक इनपुट निर्माता
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बायोटेक्नोलॉजी और एग्री-टेक कंपनियां
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एफएमसीजी और फूड प्रोसेसिंग ब्रांड्स
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अनुसंधान संस्थान और सरकारी एजेंसियां
इस पहल के माध्यम से व्यापारिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग और बाजार विस्तार को बढ़ावा मिलेगा. यह प्लेटफॉर्म किसानों और कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगा, जिससे एक मजबूत कृषि इकोसिस्टम तैयार हो सके.
नीति, सर्टिफिकेशन और मार्केट एक्सेस पर फोकस
MIONP 2026 में ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन, ट्रेसेबिलिटी और नीति ढांचे से जुड़ी चुनौतियों पर विशेष चर्चा की जाएगी. इसके साथ ही किसानों, एफपीओ और उपभोक्ता कंपनियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा.
इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, बाजार तक उनकी पहुंच बढ़ाना और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना है. इसके लिए डिजिटल ट्रेसेबिलिटी और बेहतर प्रमाणन प्रक्रिया पर भी जोर दिया जाएगा.
परिवर्तन के अग्रदूतों का सम्मान
इस कार्यक्रम के दौरान नेशनल ऑर्गेनिक एंड नेचुरल फार्मर अवॉर्ड्स का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उन किसानों, नवाचारकर्ताओं और संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने टिकाऊ कृषि को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है.
यह सम्मान न केवल उनके प्रयासों को सराहेगा, बल्कि अन्य किसानों को भी प्रेरित करेगा कि वे पर्यावरण के अनुकूल खेती की ओर कदम बढ़ाएं.
लाभकारी और टिकाऊ भविष्य की ओर
MIONP 2026 का मुख्य उद्देश्य विज्ञान आधारित समाधान, संस्थागत सहयोग और बाजार आधारित दृष्टिकोण के जरिए ऐसे परिणाम देना है जो जमीन पर लागू किए जा सकें. इसमें शामिल हैं:
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ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती के स्केलेबल मॉडल
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नीति और संस्थागत समन्वय को मजबूत करना
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उद्योग साझेदारी और सप्लाई चेन को बेहतर बनाना
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देशव्यापी स्तर पर अपनाने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करना
भारत को वैश्विक स्तर पर टिकाऊ कृषि का नेता बनाने के लिए MIONP 2026 एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.
MIONP 2026: कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल
पहला दिन (16 अप्रैल 2026)
सुबह 09:00 बजे - रजिस्ट्रेशन और वेलकम टी
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के पंजीकरण और स्वागत चाय के साथ होगी.
10:00 बजे - उद्घाटन सत्र
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दीप प्रज्वलन
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उद्घाटन संबोधन
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ग्रैंड चैलेंज का परिचय
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“Connect & Grow” प्लेटफॉर्म का परिचय
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मुख्य अतिथि द्वारा कृषि परिवर्तन पर विजन प्रस्तुत
अपेक्षित परिणाम:
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नीति निर्माताओं और संस्थानों के बीच समन्वय
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ICAR और अन्य संस्थानों की भूमिका स्पष्ट
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प्राथमिक क्षेत्रों और फसलों की पहचान
11:00 बजे - किसान सफलता कहानियां और तकनीकी प्रस्तुति
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किसानों द्वारा अनुभव साझा
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तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा व्याख्या
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वैज्ञानिक दस्तावेज़ीकरण
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स्केलेबिलिटी पर फोकस
अपेक्षित परिणाम:
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सफल मॉडल की पहचान
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अन्य क्षेत्रों में लागू करने की रणनीति
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पायलट प्रोजेक्ट्स का चयन
01:30 बजे - लंच ब्रेक
02:00 से 05:00 बजे - B2B कनेक्ट सत्र
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प्री-रजिस्ट्रेशन आधारित भागीदारी
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प्रोफाइल आधारित मीटिंग
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विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के बीच संवाद
अपेक्षित परिणाम:
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बिजनेस पार्टनरशिप
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टेक्नोलॉजी ट्रांसफर
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बाजार विस्तार
03:00 से 05:00 बजे - तकनीकी समीक्षा बैठक
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को-चेयर कमेटी की बैठक
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तकनीकों का मूल्यांकन
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स्केलेबिलिटी पर चर्चा
05:00 बजे - प्रोडक्ट लॉन्च
नई तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन
06:00 बजे - अवॉर्ड समारोह
किसानों और नवाचारकर्ताओं को सम्मान
08:00 बजे - नेटवर्किंग डिनर
दूसरा दिन (17 अप्रैल 2026)
09:00 बजे - सत्र की शुरुआत
प्राकृतिक खेती पर विशेष सत्र
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GNFSU द्वारा केस स्टडी
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किसान प्रस्तुतियां
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तकनीकी विश्लेषण
12:00 बजे - सर्टिफिकेशन सत्र (NCOF)
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प्रमाणन प्रक्रिया
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चुनौतियां और समाधान
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नीति सुझाव
01:00 बजे – ओपन हाउस और रोडमैप
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फीडबैक
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भविष्य की रणनीति
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सहयोग की प्रतिबद्धता
01:30 - 02:30 बजे - लंच ब्रेक
02:30 - 04:30 बजे - वन-टू-वन मीटिंग्स
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एफएमसीजी कंपनियां
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फूड ब्रांड्स
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एग्री प्रोसेसिंग कंपनियां
फोकस: किसानों को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराना
04:30 बजे - समापन और अवॉर्ड समारोह
07:00 बजे - डिनर और नेटवर्किंग
MIONP 2026 भारत की कृषि को एक नई दिशा देने वाला मंच है, जो किसानों, वैज्ञानिकों, उद्योग और नीति निर्माताओं को एक साथ लाकर एक मजबूत और टिकाऊ कृषि प्रणाली की नींव रखेगा. यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाएगी.
इस तरह MIONP 2026 एक ऐसे भविष्य की ओर संकेत करता है, जहां खेती केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि एक लाभकारी, सम्मानजनक और टिकाऊ व्यवसाय बन सके.
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