मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए गेंहू उपार्जन की अंतिम तारीख जो पहले 7 मार्च थी. उसको बढ़ा दिया गया है. सरकार के इस फैसले से राज्य के किसानों को राहत की सांस मिली है. अब किसान बहन-भाई गेंहू उपार्जन के लिए रजिस्ट्रेशन भी करा सकेंगे. साथ ही सरकार से गेंहू खरीद पर बोनस भी प्राप्त कर सकेंगे. चलिए आगे इसी क्रम में जानते हैं गेंहू खरीद पर कितना बोनस मिलेगा.
कितना मिलेगा गेंहू खरीद पर बोनस?
अब मध्य प्रदेश के किसानों को गेंहू खरीद पर अतिरिक्त लाभ मिलने वाला है. सरकार गेंहू खरीद पर किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है, जिसके तहत अब किसानों को गेहूं की खरीदी कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने पर अधिक लाभ मिलेगा और उनकी आय में भी इजाफा होगा.
गेंहू उपार्जन के लिए कब तक करें आवेदन?
राज्य के किसान भाइयों को यह डर सता रहा था कि अब वह गेंहू उपार्जन के लिए कैसे आवेदन करेंगे, क्योंकि आवेदन करने की तारीख 7 मार्च थी, जो निकल चुकी थी. ऐसे में सरकार ने किसानों की परेशानियों को देखते हुए आवेदन की तारीख को बढ़ा दिया है. अब किसान भाई गेंहू उपार्जन के लिए रजिस्ट्रेशन 10 मार्च तक करा सकते हैं.
कितने किसानों ने कराया पंजीकरण
रबी मार्केटिंग वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु अब तक बड़ी संख्या में किसान पंजीयन करा चुके हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लगभग 12 लाख 4 हजार 708 किसानों ने अब तक रजिस्ट्रेशन कराया है.
इसके अलावा, प्रदेश के कई जिलों में हजारों किसानों ने पंजीयन कराया है. इनमें उज्जैन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, देवास, रायसेन और नर्मदापुरम जैसे जिले शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन करा रहे हैं.
इन जगहों में होगा फ्री रजिस्ट्रेशन
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किसान ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्र में गेंहू उपार्जन के लिए पंजीकरण करा सकते हैं.
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इसके अलावा किसान तहसील कार्यालयों में स्थापित पंजीयन केंद्र में भी जा सकते हैं.
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सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं के पंजीयन केंद्र में जाकर भी किसान भाई पंजीयन करा सकते हैं.
सशुल्क रजिस्ट्रेशन की भी उपलब्ध है सुविधा
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एमपी ऑनलाइन कियोस्क
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कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
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लोक सेवा केंद्र
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निजी साइबर कैफे
इन स्थानों पर निर्धारित शुल्क देकर किसान अपना पंजीयन करा सकते हैं. बिना किसी टेंशन के आराम से वो भी बिना किसी परेशानी.
लेखक: रवीना सिंह
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