अगर आप बिहार के किसान है और पीएम किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ही जरुरी है. बिहार सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है और इस फैसले के तहत अब बिहार के किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) के अलावा राज्य सरकार की ओर से भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी.
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना’ की शुरुआत की है, जिसके तहत राज्य के पात्र किसानों को सालाना 3,000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे. इस तरह अब बिहार के किसानों को कुल 9,000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता मिलेगी.
किसान सम्मान निधि की राशि कितनी बढ़ी?
पीएम किसान योजना में किसानों को सालाना तीन किस्तों में कुल 6,000 रुपये की मदद दी जाती थीं, लेकिन अब बिहार सरकार के फैसले के बाद इस किस्त की राशि को बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया है. इस सरकारी राशि में बढ़ोतरी से किसानों की खेती की भी लागत घटेगी और उनकी आय में भी इजाफा होगा.
कितने किसानों को मिलेगा सीधा लाभ?
बिहार सरकार ने बजट भाषण के दौरान साफ-साफ यह बताया कि इस सरकारी योजना में अब राज्य के करीब 73 लाख किसानों को यह लाभ मिलेगा. यानी राज्य के पात्र किसानों को अब सालाना 3,000 रुपये अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएंगी.
बता दें कि किसान बिल्कुल भी चिंता न करें इस राशि का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जारिए भेज दिया जाएगा.
क्या है जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना?
सरकार ने इस योजना की शुरुआत भी किसानों के कल्याण के लिए की गई है. यह नई योजना जिसका नाम समाजवादी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा गया है. सरकार का कहना है कि यह योजना सामाजिक न्याय और किसान कल्याण की उनकी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगी. साथ ही किसानों को इस योजना के तहत इस तरह मदद मिलेगी-
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केंद्र सरकार: ₹6,000 सालाना
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बिहार सरकार: ₹3,000 सालाना
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कुल सहायता: ₹9,000 प्रति किसान प्रति वर्ष
किसानों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
बिहार सरकार ने किसानों की स्थितियों को देखकर यह फैसला लिया है, क्योंकि जिस तरह से खेती की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है- बीज, खाद, डीजल और मजदूरी सब महंगे हो चुके हैं. ऐसे में किसानों को सरकार सालाना 3,000 रुपये अतिरिक्त सहायता प्रदान करेंगी, जिससे किसानों को यह लाभ होंगे-
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छोटे और सीमांत किसानों को राहत देगी
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फसल की तैयारी में मदद करेगी
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किसानों की आर्थिक असुरक्षा कम करेगी
लेखक: रवीना सिंह
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