बिहार के किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने किसानों के लिए किसान आईडी बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क कर दी है. अब किसानों को पंजीकरण करवाने के लिए एक रुपया तक खर्च नहीं करना पड़ेगा. पहले किसानों को यह आईडी बनवाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और वसुधा केंद्रों पर 15 रुपये का सेवा शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब सरकार ने यह शुल्क पूरी तरह सामाप्त कर दिया है, जिससे किसान बिना शुल्क दिए आवेदन कर सकते हैं. आगे इस लेख में जानें कब तक किसान आईडी निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं.
क्यों जरूरी है किसान आईडी?
किसान आईडी बनवाने से किसानों को कई तरह के लाभ मिलेंगे. इसके जरिए किसान सब्सिडी, फसल बीमा, सहायता राशि और अन्य सरकारी योजनाओं का फायदा उठा सकते हैं और फार्मर ID के जरिए सरकार फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी, क्योंकि आज भी कुछ ऐसे किसान है, जो गलत तरीके से कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं. इसलिए सरकार का यह मानना है कि किसान आईडी की मदद से किसान को पूरा डेटा सरकार के पास होगा खेती-किसानी से जुड़े आंकड़ों पूरा डाटा, जिससे यह लाभ होगा की सरकारी स्कीम का फायदा केवल पात्र किसान ही लें पाएंगे.
‘बिहार मॉडल’ की देशभर में चर्चा
बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे किसान रजिस्ट्री अभियान की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर भी हुई है. हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की कार्यशाला में इस पहल को “बिहार मॉडल” का नाम दिया गया. केंद्र सरकार ने बिहार में मिशन मोड में चल रहे इस अभियान को अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बताया और इसे अपनाने की सलाह दी. यह बिहार सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
प्रत्येक जिले में 50 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण लक्ष्य
किसान आईडी बनवाने के लिए राज्य सरकार ने बिहार के जिलों के लिए लक्ष्य तय किया है और इस लक्ष्य के तहत प्रत्येक जिले में कम से कम 50 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूरा किया जाएगा, जो जिले इस लक्ष्य को पूरा करेंगे उन्हें 1.5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.
वहीं, 35 प्रतिशत पंजीकरण पूरा करने वाले जिलों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
अब तक कितने किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है?
अब तक राज्य में फार्मर रजिस्ट्री के तहत करीब 29 लाख 55 हजार से अधिक किसानों की किसान आईडी बनाई जा चुकी है. इसके अलावा लगभग 67 लाख किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है.
इसके अलावा, बिहार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के करीब 75 लाख लाभार्थी हैं, जिन्हें किसान आईडी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.
कब तक करा सकते हैं निशुल्क फार्मर रजिस्ट्री?
अगर आपने भी अभी तक किसान फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवाई है, तो अभी भी आपके पास यह मौका है. आप 2 फरवरी से 6 फरवरी के अंतर्गत निशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं बिना किसी झंझट के तो जितना जल्दी हो सकें. फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवेदन कर डालें वरना आप किसी भी सरकारी स्कीम का लाभ नही उठा पाएंगे.
लेखक: रवीना सिंह
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