26 फरवरी 2026 को Amity University Uttar Pradesh में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता Amity Institute of Organic Agriculture (AIOA) और International Competence Centre for Organic Agriculture (ICCOA) के बीच हुआ। इस समझौते का उद्देश्य जैविक खेती के क्षेत्र में पढ़ाई, शोध और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
आज के समय में जैविक खेती की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग सुरक्षित और रसायन-मुक्त खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में यह साझेदारी छात्रों और किसानों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग
इस समझौते के तहत छात्रों को खेतों में काम करके सीखने का मौका मिलेगा। उन्हें इंटर्नशिप और नौकरी से जुड़ी सहायता भी दी जाएगी।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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खेतों में प्रशिक्षण और व्यावहारिक सीख
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समर इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सहयोग
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छोटे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन
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विशेषज्ञों के व्याख्यान और उद्योग से जुड़ाव
इन कार्यक्रमों से छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ काम का अनुभव भी मिलेगा। इससे वे भविष्य के लिए बेहतर तैयार हो सकेंगे।
शोध और नई पहल
दोनों संस्थान मिलकर जैविक खेती से जुड़े नए विचारों पर काम करेंगे। वे शोध परियोजनाएं तैयार करेंगे और उन्हें आगे बढ़ाएंगे।
साथ ही, एक इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां नए स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को मार्गदर्शन मिलेगा। इससे जैविक खेती से जुड़े नए व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी।
वरिष्ठ नेतृत्व का मार्गदर्शन
इस पहल को वरिष्ठ अधिकारियों का समर्थन प्राप्त हुआ है, जिनमें शामिल हैं:
•Mr Manoj Kumar Menon, Executive Director,ICCOA
• Mr Rohitashwara Ghaghar,Diretor Operations,ICCOA
• Prof. (Dr.) Balvinder Shukla, Vice Chancellor, Amity University Uttar Pradesh
• Dr. Nutan Kaushik, Director General, Amity Food & Agriculture Foundation
• Dr. Chandradeep Tandon, Additional Pro Vice Chancellor
• Dr. Doyeli Sanyal, Director, AIOA
इनके मार्गदर्शन में यह साझेदारी आगे बढ़ेगी और अच्छे परिणाम देगी।
समझौता ज्ञापन (MoU) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर Dr. Asha Premnath, Joint Registrar, Amity University Uttar Pradesh (AUUP), और Mr. Manoj Kumar Menon, Executive Director, ICCOA द्वारा किए गए।
छात्रों और किसानों के लिए फायदेमंद
यह समझौता छात्रों को बेहतर शिक्षा और काम के अवसर देगा। वहीं, जैविक खेती से जुड़े लोगों को नई जानकारी और सहयोग मिलेगा।
यह पहल देश में जैविक खेती को मजबूत बनाने और युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आने वाले समय में इस सहयोग से अच्छे और लंबे समय तक चलने वाले परिणाम मिलने की उम्मीद है।
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