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Updated on: 2 September, 2019 12:00 AM IST

बागवानी फसलों का उत्पादन गत वर्ष में हुए 311.71 मिलियन टन उत्पादन की तुलना में 2018-19 में 313.85 मिलियन टन (mt) तक बढ़ रहा है. मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, आलू, प्याज, केला और खट्टे फलों जैसे -नींबू, आमला आदि फलों और सब्जियों का उत्पादन आने वाले समय में काफी बढ़ जाएगा.

सब्जियों का उत्पादन

अगले वर्ष तक आलू का उत्पादन 3.4 प्रतिशत बढ़कर 53 मिलियन टन और प्याज का उत्पादन लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 23.48 मिलियन टन होने का अनुमान है.  अगर बात करे टमाटर के उत्पादन की तो आने वाले समय में इसमें 1.8 प्रतिशत की मामूली गिरावट से उपज 19.39 मिलियन टन हो सकती है. दूसरी ओर  केले का उत्पादन लगभग 1 मिलियन टन से बढ़कर 31.75 मिलियन टन होने की पूरी संभावना जताई जा रही है. जबकि आम के उत्पादन में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है,  जो घटकर 20.8 मिलियन टन रह जाएगा.

फलों का उत्पादन

खट्टे फलों के उत्पादन में  13.2 मिलियन टन की उपज में 5 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया है जबकि गत वर्ष 2017-18 में 2.33 मिलियन टन के मुकाबले सेब का उत्पादन 2.5 मिलियन टन होने की उम्मीद जताई जा रही है.

नारियल और काजू उत्पादन

नारियल फसल उत्पादन पर गत वर्ष काफी प्रभाव पड़ा है.  जोकि 2017-18 में 18.08 मिलियन टन के मुकाबले इस  वर्ष लगभग 16.37 मिलियन टन होने का अनुमान लगाया जा रहा है. नारियल का उत्पादन में बहुत ज्यादा गिरावट देखने को मिल सकती है, जो पिछले साल के 16.41 मिलियन टन से लगभग 10 प्रतिशत कम है. इस साल काजू के उत्पादन में भी लगभग 10 फीसदी की कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है.

English Summary: Horticultural crops: There will be a huge increase and fall in the production of these crops this year.
Published on: 02 September 2019, 04:57 IST

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