RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 29 January, 2020 12:00 AM IST

यूपी के दो और जिलों (अमेठी और देवरिया) को अगले वित्तीय वर्ष (2020-21) से हरित क्रांति योजना (बीजीआरईआई) के तहत चावल और गेहूं उत्पादक जिलों की सूची में शामिल किया गया है. इससे पहले इन जिलों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) योजना की सुविधाएं ही मिलती थीं. यह जानकारी कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दी. दरअसल उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि देवरिया में केंद्र सरकार की ग्रीन रिव्योल्यूशन इन ईस्टर्न इंडिया (बीजीआरईआई) योजना के तहत किसानों को जल्द ही मुफ्त बोरिंग एवं अनाज भंडारण गोदाम बनाने की सुविधा उपलब्ध करायेगी.उन्होंने कहा कि देवरिया में केंद्र सरकार की बीजीआरईआई योजना के तहत किसानों को जल्द ही मुफ्त बोरिंग एवं अनाज भंडारण गोदाम बनाने की सुविधा उपलब्ध कराया जायेगा.

उन्होंने कहा कि किसान सरकार द्वारा चलायी गयी योजनाओं के साथ अपने आप को जोड़े तथा कृषि के नवीनतम तकनीकों को अपनायें, जिससे उत्पादन के साथ कृषकों का आय भी बढ़ेगी.उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिये सरकार ने कई योजनाये शुरू की है. शाही ने कहा कि देश में पहली बार 80 प्रतिशत के अनुदान पर कृषि यंत्र दिये जाने की व्यवस्था बनायी गयी है.किसान इसका लाभ किसान उठायें.प्रदेश के देवरिया जिले को आगामी वित्तीय वर्ष 2020-21 से बीजीआरईआई योजना के तहत चावल एवं गेहूं के लिये शामिल कर लिया गया है. इससे पूर्व देवरिया जिले को एनएफएसएम योजना की सुविधायें मिल रही हैं. उन्होने बताया कि बीजीआरईआई योजना के तहत पूर्व में प्रदेश के 14 जिले शामिल थे. आगामी वित्तीय वर्ष से बढ़कर 16 हो जायेंगे.गेंहू एवं चावल दोनों का उत्पादन करने वाले जिलों की संख्या पांच से बढ़कर सात हो जायेगी.
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब इन जिलों के किसानों को 12 हजार रूपये तक की मुफ्त बोरिंग की सुविधा अनुमन्य होगी.साथ ही किसानों को एक हजार मीट्रीक टन तक के अनाज के भण्डारण के लिये गोदाम बनाने की सुविधा भी मिलेगी, जिससे वे खाद्यान्न का स्वयं भण्डारण कर सके. देवरिया के किसानों को स्थल विशेष क्रियाकलाप के तहत मिनी राईस मिल, आल टाईप आफ क्लीनर कम ग्रेडर, ग्रेडिएन्ट सेपरेटर, स्पेसिफिक ग्रेविटी सेपरेटर फूडग्रेन, पानी लाने के लिये पाइप, स्ट्रा रीपर, रीपर कम्बाइन्डर के लिये प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान भी दिया जायेगा.

English Summary: free boring: Under BGREI scheme, farmers will get up to 12 thousand free boring
Published on: 29 January 2020, 05:15 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now