Subsidy on Tractor: किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और खेती को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने एक नई और प्रभावी योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत राज्य के किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर आधुनिक 4-व्हील ड्राइव ट्रैक्टर उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार का मानना है कि आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से खेती की लागत कम होगी, उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय इजाफा होगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह योजना किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास है. इससे किसान न केवल समय और संसाधनों की बचत कर पाएंगे, बल्कि खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में भी विकसित कर सकेंगे. यह पहल राज्य के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है. ऐसे में आइए इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं-
10 लाख का ट्रैक्टर अब 5 लाख में
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बाजार में 10 से 12 लाख रुपये तक की कीमत वाला ट्रैक्टर किसानों को मात्र 5 लाख रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार द्वारा दी जा रही 50 प्रतिशत सब्सिडी सीधे किसानों को राहत पहुंचाएगी. इससे वे किसान भी आधुनिक ट्रैक्टर खरीद सकेंगे, जो अब तक आर्थिक कारणों से ऐसा नहीं कर पा रहे थे. ट्रैक्टर की गुणवत्ता और क्षमता को ध्यान में रखते हुए इसे खास तौर पर बड़े और मध्यम किसानों के लिए उपयोगी बनाया गया है.
ट्रैक्टर के साथ मिलेंगे आधुनिक कृषि उपकरण
सरकार केवल ट्रैक्टर ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े जरूरी कृषि उपकरण भी उपलब्ध करा रही है. योजना के तहत किसानों को रोटावेटर, टच व्हील और कल्टीवेटर जैसे उपकरण दिए जाएंगे. ये उपकरण खेत की जुताई, मिट्टी तैयार करने और बुवाई के काम को आसान और तेज बनाते हैं. इससे किसानों को अलग-अलग मशीनें खरीदने का अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा और खेती का पूरा चक्र अधिक सुचारू रूप से पूरा हो सकेगा.
रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और GPS की भी सुविधा
इस योजना में किसानों की सुविधा और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है. ट्रैक्टर के साथ 15 साल का वाहन रजिस्ट्रेशन, 1 साल का इंश्योरेंस और GPS सिस्टम भी शामिल किया गया है. GPS सिस्टम की मदद से ट्रैक्टर की निगरानी और उपयोग को बेहतर तरीके से किया जा सकेगा. इंश्योरेंस होने से किसी भी दुर्घटना या नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.
कौन कर सकता है आवेदन
इस योजना का लाभ केवल व्यक्तिगत किसान ही नहीं, बल्कि कृषि सहायक समूह और महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) भी उठा सकते हैं. सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान और समूह मिलकर आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करें. इससे सामूहिक खेती और संसाधनों के साझा उपयोग को बढ़ावा मिलेगा.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने होंगे. इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, कृषि भूमि के वैध कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर और हाल की पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं. किसान अपने नजदीकी जिला कृषि कार्यालय या भूमि संरक्षण कार्यालय से आवेदन फॉर्म मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं.
इन किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों के पास 10 एकड़ या उससे अधिक कृषि योग्य भूमि है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही वैध ड्राइविंग लाइसेंस जैसी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा. ट्रैक्टर और उपकरणों के वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया गया है, ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो.
किसानों और कृषि दोनों को होगा फायदा
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सब्सिडी योजनाएं खेती की लागत कम करने में अहम भूमिका निभाती हैं. आधुनिक ट्रैक्टर और उपकरणों से समय की बचत होगी, मेहनत कम लगेगी और उत्पादन बढ़ेगा. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. यह योजना किसान, कृषि और सरकार—तीनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.