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खुदरंग शायर : जॉन एलिया

अभी इक शोर सा उठा है कहीं कोई ख़ामोश हो गया है कहीं है कुछ ऐसा कि जैसे ये सब कुछ इस से पहले भी हो चुका है कहीं जो यहाँ से कहीं न जाता था

अगर हो रहे हैं बाल सफेद, तो यह खबर आपके काम की है !

आज के इस दौड़ते-भागते जीवन में किसी के पास अपने शरीर का ध्यान रखने का समय भी नहीं है तो बालों का ध्यान कैसे आएगा ? इसलिए आज हम इस लेख के माध्यम से आप…

क्यों दिल दुखा देता है किसी का जाना....

जुगल (ट्रॉटस्की) आज भी वैसा ही था जैसा और दिनों में रहा करता था. सादी वेशभूषा और चेहरे पर वही हास्य का रंग. बल्कि उसने ऑफिस में और दिनों की तरह लोगों…

अगर आपके दांत भी टेढ़े हैं तो पढ़िए इस लेख को !

बीमारी का हो जाना एक अलग बात है, पर कुछ दिक्कतें ऐसी होती है जो हमें जन्म से हो जाती हैं. पहले हम इस पर ध्यान नहीं देते परंतु जब यही चीज़ हमारे जीवन औ…

एक कविता ऐसी भी !

सितारों का साथ निभाने को चांद निकलता है रात का अंधियारा भगाने को सूरज निकलता है

'कुछ कहूं' - ज़िंदादिल शायरी

लफ्ज़ सर्द हो चले हैं पिघले तो कुछ कहूं रात अभी बाकी है सवेरा हो तो कुछ कहूं